रायपुर। CG Women Registry Discount : विधानसभा में बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीकरण पर रजिस्ट्री शुल्क में 50% छूट देने की घोषणा की। सरकार का कहना है कि यह कदम संपत्ति स्वामित्व में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ाने की दिशा में निर्णायक साबित होगा। नीति को (Women Property Registration CG) के तौर पर देखा जा रहा है, जिससे शहरी और ग्रामीण—दोनों क्षेत्रों में खरीद-बिक्री को गति मिलने की उम्मीद है।
अगले वित्त वर्ष से लागू होगा प्रावधान
वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि छूट का लाभ आगामी वर्ष से प्रभावी होगा। सरकार के अनुसार, यह प्रावधान संकल्प पत्र के अनुरूप है और महिला स्वामित्व को बढ़ावा देने के लिए रजिस्ट्री लागत में राहत देगा। रियल एस्टेट जानकारों का मानना है कि (Stamp Duty Rebate Chhattisgarh) से परिवारों में महिलाओं के नाम संपत्ति दर्ज कराने की प्रवृत्ति मजबूत होगी।
नारी शक्ति को आर्थिक आधार देने की कोशिश
घोषणा के पीछे सरकार का तर्क है कि संपत्ति पर अधिकार मिलने से महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा बढ़ेगी, बैंकिंग और क्रेडिट एक्सेस बेहतर होगा, और पारिवारिक निर्णयों में उनकी भागीदारी मजबूत होगी। यह पहल (Good Governance CG) के उस दृष्टिकोण से जुड़ी मानी जा रही है, जिसमें नीति, निवेश और नवाचार के जरिए सामाजिक संतुलन साधने की बात कही गई है।
निवेश और रियल एस्टेट पर संभावित असर
विशेषज्ञों के मुताबिक, रजिस्ट्री शुल्क में छूट से प्रॉपर्टी डील्स की संख्या बढ़ सकती है। खासकर पहली बार घर खरीदने वाले परिवारों में महिलाओं के नाम रजिस्ट्री कराने का चलन तेज हो सकता है। इससे शहरी आवास, प्लॉट बिक्री और दस्तावेजीकरण में पारदर्शिता को बढ़ावा मिलने की संभावना जताई जा रही है।
नियमों की अधिसूचना का इंतजार
हालांकि घोषणा हो चुकी है, लेकिन छूट के दायरे, पात्रता और प्रक्रिया से जुड़ी विस्तृत अधिसूचना का इंतजार रहेगा। लागू होने के बाद यह देखा जाएगा कि लाभ की सीमा, संयुक्त स्वामित्व और स्टांप-ड्यूटी समायोजन जैसे प्रावधान कैसे तय किए जाते हैं—यहीं से नीति का वास्तविक असर तय होगा।






