सीजी भास्कर 25 फ़रवरी व्हाट्सएप भारत में अपने यूजर्स के लिए एक नया सिस्टम तैयार कर रहा है, जिसके तहत ऐप यह सुनिश्चित करेगा कि जिस मोबाइल नंबर से अकाउंट रजिस्टर है, वही सिम कार्ड फोन में मौजूद हो। इस बदलाव को WhatsApp SIM Binding Feature India के नाम से देखा जा रहा है। इसका मकसद फर्जी अकाउंट, साइबर फ्रॉड और एक ही नंबर से कई जगह लॉगिन जैसे मामलों पर लगाम लगाना है।
डिजिटल सुरक्षा से जुड़े विशेषज्ञ मानते हैं कि यह कदम “(SIM Verification Security)” को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा बदलाव हो सकता है।
बीटा वर्जन में दिखा नया सिस्टम, अभी डेवलपमेंट स्टेज में
फीचर ट्रैकर WABetaInfo के मुताबिक, यह फीचर फिलहाल एंड्रॉयड के बीटा वर्जन में टेस्ट किया जा रहा है। इस टेस्टिंग के दौरान ऐप यूजर को पॉप-अप के जरिए बताएगा कि भारतीय नियमों के चलते सिम की मौजूदगी जांचना जरूरी है।
हालांकि यह सुविधा अभी डेवलपमेंट फेज में है, इसलिए आम यूजर्स तक पहुंचने में समय लग सकता है। टेक इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का कहना है कि यह फीचर पहले केवल भारत के +91 नंबर वाले अकाउंट्स पर लागू किया जा सकता है, ताकि “(India SIM Linked Login)” को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा सके।
सरकार के नए नियमों से जुड़ा मामला, साइबर फ्रॉड पर लगेगी लगाम
इस बदलाव के पीछे भारत सरकार के दूरसंचार विभाग के हालिया निर्देश माने जा रहे हैं। इन नियमों का उद्देश्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बढ़ते फर्जी अकाउंट्स और ऑनलाइन ठगी को रोकना है।
सरकार का मानना है कि जब तक रजिस्टर्ड सिम फोन में मौजूद रहेगा, तब तक अकाउंट की पहचान ज्यादा मजबूत रहेगी। इससे “(Telecom Cyber Security Rules)” के तहत ऐप्स की जवाबदेही भी तय की जा सकेगी।
सिम बदली तो क्या होगा? यूजर्स को किन दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है
नई व्यवस्था लागू होने के बाद अगर किसी यूजर का रजिस्टर्ड सिम फोन में मौजूद नहीं पाया गया, तो व्हाट्सएप की एक्सेस अस्थायी रूप से सीमित हो सकती है। हालांकि रिपोर्ट्स में यह भी संकेत दिए गए हैं कि पुरानी चैट और डेटा सुरक्षित रहेंगे।
यह बदलाव उन लोगों के लिए परेशानी बन सकता है जो अक्सर सिम बदलते हैं, नया फोन लेते हैं या विदेश यात्रा के दौरान अलग सिम का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे मामलों में “(Account Re-Verification)” की प्रक्रिया से गुजरना पड़ सकता है।
डिजिटल आज़ादी बनाम सुरक्षा, नई नीति पर उठ रहे सवाल
डिजिटल अधिकारों पर काम करने वाली संस्था Internet Freedom Foundation ने इस तरह के नियमों को लेकर पहले भी चिंता जताई है। संगठन का कहना है कि सुरक्षा जरूरी है, लेकिन इससे आम यूजर्स की सुविधा और प्राइवेसी प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
टेक एक्सपर्ट्स मानते हैं कि WhatsApp SIM Binding Feature India जैसे कदम साइबर सुरक्षा को मजबूत करेंगे, लेकिन इसके साथ-साथ यूजर-फ्रेंडली विकल्प भी देना जरूरी होगा, ताकि आम लोगों को बेवजह परेशानी न हो।






