सीजी भास्कर 26 फ़रवरी रायपुर। (Savarkar Death Anniversary tribute) के अवसर पर मुख्यमंत्री Vishnudeo Sai ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में महान क्रांतिकारी Vinayak Damodar Savarkar के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यक्रम सादगीपूर्ण रहा, लेकिन माहौल में सम्मान और स्मरण की गंभीरता साफ महसूस की गई।
विचारों से बनी राष्ट्रभक्ति की धार
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वीर सावरकर केवल स्वतंत्रता आंदोलन के योद्धा नहीं थे, बल्कि उनके विचारों ने राष्ट्रभक्ति को वैचारिक दिशा दी। (nationalist ideology) के जरिए उन्होंने समाज में स्वाभिमान और आत्मबल का भाव जगाया, जिसने युवाओं को लंबे समय तक प्रेरित किया।
कालापानी के संघर्ष ने रचा इतिहास
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने अंडमान की कालापानी जेल में झेली गई यातनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी सावरकर का संकल्प नहीं टूटा। (freedom struggle legacy) के प्रतीक रूप में उनका जीवन आज भी त्याग और साहस का उदाहरण माना जाता है।
लेखन और विचार से समाज को दिशा
मुख्यमंत्री साय ने सावरकर को एक ओजस्वी लेखक, कवि और इतिहासकार के रूप में याद किया। उनके लेखन में (cultural nationalism) की स्पष्ट झलक मिलती है, जिसने समाज में आत्मचिंतन और सुधार की भावना को मजबूती दी।
युवाओं के लिए प्रेरणा का संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि सावरकर का जीवन युवाओं के लिए आत्मनिर्भरता और राष्ट्रगौरव का पाठ है। (inspiration for youth) के रूप में उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं और नई पीढ़ी को देशसेवा की ओर प्रेरित करते हैं।
प्रशासनिक सहभागिता ने बढ़ाई गरिमा
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी रही, जिससे आयोजन की गरिमा और गंभीरता बढ़ी। यह पहल (public remembrance ceremony) के रूप में राज्य में ऐतिहासिक व्यक्तित्वों को सम्मान देने की परंपरा को मजबूत करती है।






