Janpad Vice President Firing Case : बिलासपुर जिले में जनपद उपाध्यक्ष नीतेश सिंह पर हुए हमले ने स्थानीय राजनीति में सनसनी फैला दी। 28 अक्टूबर की रात नकाबपोश हमलावरों ने उनके कार्यालय में घुसकर अंधाधुंध फायरिंग की। अफरा-तफरी के बीच पूर्व सरपंच चंद्रकांत सिंह के हाथ और उनके रिश्तेदार राजकुमार सिंह उर्फ राजू सिंह के पैर में गोली लगी; एक गोली पीठ को छूते हुए निकल गई। इस वारदात को पुलिस (Political Attack Investigation) के एंगल से भी देख रही है।
लाइसेंसी हथियार से जवाबी फायरिंग, हमलावर फरार
हमले के दौरान खुद को और मौजूद लोगों को बचाने के लिए नीतेश सिंह ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से जवाबी फायरिंग की। इसी बीच शूटर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। घायलों को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। मौके से कारतूसों के खोखे बरामद हुए—यह साक्ष्य (Forensic Evidence Trail) के तहत जांच में शामिल किए गए हैं।
रंजिश की परतें खुलीं, अब तक 9 गिरफ्तार
जांच में राजनीतिक वर्चस्व और जमीन कारोबार से जुड़ी पुरानी रंजिश सामने आई है। पुलिस ने मुख्य आरोपी विश्वजीत अनंत समेत नौ लोगों को गिरफ्तार किया है; इनमें कांग्रेस नेता अकबर खान भी शामिल हैं। सभी आरोपी फिलहाल जेल में हैं। पूछताछ में मिली कड़ियों से (Conspiracy Network) की तस्वीर और साफ होती जा रही है।
नागेंद्र–टाकेश्वर पर इनाम, विशेष टीमों की दबिश
फरार आरोपियों नागेंद्र राय और टाकेश्वर पाटले की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 5-5 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। जांच के मुताबिक, टाकेश्वर पर शूटरों को एक लाख रुपये उपलब्ध कराने और नागेंद्र पर साजिश रचने का आरोप है। मस्तूरी पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं—यह ऑपरेशन (Reward on Absconders) के तहत तेज किया गया है।
नागरिकों से अपील, सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय
वरिष्ठ अधिकारियों ने आम लोगों से अपील की है कि आरोपियों से जुड़ी किसी भी पुख्ता जानकारी पर तुरंत पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। जांच एजेंसियां डिजिटल लोकेशन ट्रेस और नेटवर्क एनालिसिस के जरिए (Manhunt Operation) को अंजाम दे रही हैं—पुलिस का दावा है कि दोनों फरार आरोपियों की गिरफ्तारी जल्द होगी।






