Stock Market Crash : पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर गुरुवार सुबह भारतीय शेयर बाजार में साफ नजर आया। बाजार खुलते ही निवेशकों में घबराहट दिखी और शुरुआती कुछ ही मिनटों में भारी बिकवाली शुरू हो गई। इस तेज गिरावट के कारण निवेशकों की कुल संपत्ति में लगभग पांच लाख करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक अनिश्चितता के कारण निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से बच रहे हैं।
सेंसेक्स 900 अंक से ज्यादा लुढ़का
कारोबार की शुरुआत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर से करीब 494 अंक नीचे खुला। इसके बाद बिकवाली का दबाव बढ़ता गया और कुछ ही समय में सेंसेक्स करीब 900 अंक से ज्यादा गिरकर 75,948 के आसपास पहुंच गया। बाजार में लगभग सभी प्रमुख सेक्टरों में दबाव देखा गया, जिससे निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ता नजर आया।
निफ्टी में भी कमजोरी, कई सेक्टर लाल निशान में
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक निफ्टी 50 भी गिरावट के साथ खुला। शुरुआती कारोबार में यह करीब 192 अंक नीचे 23,674 के स्तर पर पहुंच गया। थोड़ी ही देर में बिकवाली तेज हो गई और निफ्टी की गिरावट बढ़कर लगभग 264 अंक तक पहुंच गई। इसके चलते सूचकांक 23,600 के आसपास कारोबार करता दिखा। विश्लेषकों के अनुसार बाजार में व्यापक स्तर पर दबाव बना हुआ है।
दिग्गज कंपनियों के शेयरों में भी कमजोरी
भारी गिरावट के दौरान कई दिग्गज कंपनियों के शेयर भी दबाव में रहे। रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, आईटीसी, इन्फोसिस, टीसीएस और एशियन पेंट्स जैसे प्रमुख शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों ने जोखिम कम करने के लिए बड़े शेयरों में भी मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे बाजार का माहौल और कमजोर होता गया।
ऑटो, बैंकिंग और मेटल सेक्टर पर ज्यादा दबाव
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो ऑटो, बैंकिंग और मेटल सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई। मारुति, एसबीआई, कोटक बैंक और एक्सिस बैंक के शेयरों में एक से डेढ़ प्रतिशत तक की कमजोरी दर्ज की गई। वहीं इंडिगो और लार्सन एंड टुब्रो जैसे शेयरों में भी दो प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली।
एशियाई बाजारों की कमजोरी का भी असर
विशेषज्ञों के मुताबिक भारतीय बाजार पर सिर्फ क्षेत्रीय तनाव ही नहीं बल्कि वैश्विक बाजारों की कमजोरी का भी असर पड़ा है। एशियाई शेयर बाजारों में भी गिरावट का माहौल बना हुआ है। जापान का निक्केई इंडेक्स सैकड़ों अंकों की गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग और दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स भी एक प्रतिशत से अधिक नीचे कारोबार करते नजर आए।
निवेशकों में बढ़ी सतर्कता
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव और अनिश्चितता के कारण निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपना रहे हैं। ऐसे हालात में शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ना स्वाभाविक है। अगर अंतरराष्ट्रीय हालात जल्द सामान्य नहीं हुए तो आने वाले दिनों में बाजार में और अस्थिरता देखने को मिल सकती है।





