सीजी भास्कर, 20 मार्च। टेक्नोलॉजी की दुनिया में AI को लेकर चल रही होड़ अब एक नए मोड़ पर पहुंचती दिख (Google AI vs China AI) रही है। इस बीच दुनिया के चर्चित उद्योगपति Elon Musk ने ऐसी भविष्यवाणी कर दी है, जिसने ग्लोबल टेक सर्कल में नई बहस छेड़ दी है।
मस्क का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की इस दौड़ में अलग-अलग स्तर पर अलग खिलाड़ी बाजी मार सकते हैं और यही बात इस रेस को और दिलचस्प बना देती है।
किसे कहां मिल सकती है जीत?
मस्क के अनुसार, अमेरिका में AI की रेस में Google बढ़त बना सकता है, जबकि धरती पर यानी ग्लोबल स्केल पर चीन इस दौड़ में आगे निकल सकता है। वहीं स्पेस सेक्टर में उनकी अपनी कंपनी SpaceX AI के इस्तेमाल में सबसे आगे रहेगी।
यह बयान इस बात की ओर इशारा करता है कि AI की प्रतिस्पर्धा अब केवल टेक कंपनियों तक सीमित (Google AI vs China AI) नहीं रही, बल्कि यह भू-राजनीतिक और सेक्टर-वाइज मुकाबले का रूप ले चुकी है।
एक पोस्ट से शुरू हुई चर्चा
मस्क की यह प्रतिक्रिया Bindy Reddy के एक पोस्ट पर आई, जिसमें उन्होंने गूगल के नए AI मॉडल को लेकर निराशा जताई थी। उन्होंने कहा था कि अपेक्षाओं के मुताबिक प्रदर्शन नहीं होने के कारण उन्हें पुराने मॉडल पर ही निर्भर रहना पड़ रहा है। इस पर मस्क ने अपनी राय रखते हुए पूरी AI रेस का एक बड़ा परिदृश्य सामने रख दिया।
खुद की कंपनी को लेकर क्या बोले मस्क?
मस्क ने हाल ही में यह भी स्वीकार किया था कि उनकी AI कंपनी xAI फिलहाल अपने प्रतिस्पर्धियों से पीछे है। लेकिन उन्होंने भरोसा जताया कि यह कंपनी जल्द ही बराबरी पर आ जाएगी और आने वाले कुछ वर्षों में बाकी सभी को पीछे छोड़ सकती है।
उन्होंने यहां तक दावा किया कि भविष्य में उनकी AI इतनी आगे होगी कि दूसरे नंबर पर (Google AI vs China AI) कौन है, यह देखने के लिए “जेम्स वेब टेलिस्कोप” की जरूरत पड़ेगी।
AI रेस क्यों बन रही है ग्लोबल मुद्दा?
AI अब सिर्फ टेक्नोलॉजी नहीं, बल्कि इकोनॉमी, डिफेंस और स्पेस तक फैल चुका है। यही वजह है कि अमेरिका, चीन और बड़ी टेक कंपनियों के बीच यह मुकाबला और तेज होता जा रहा है।
मस्क की यह भविष्यवाणी इस बात का संकेत देती है कि आने वाले समय में AI की लड़ाई अलग-अलग मोर्चों पर लड़ी जाएगी और हर मोर्चे पर विजेता अलग हो सकता है।


