सीजी भास्कर, 31 मार्च। उज्जैन से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने आध्यात्म और राजनीति दोनों को एक साथ चर्चा (Guru Khushwant Saheb statement) में ला दिया है। छत्तीसगढ़ के कैबिनेट मंत्री Guru Khushwant Saheb ने बाबा महाकाल के दरबार में हाजिरी लगाई और इसके बाद ऐसा बयान दिया जिसने नक्सलवाद पर नई बहस छेड़ दी। मंत्री ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में “लाल आतंक” अब खत्म हो चुका है और राज्य तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है।
महाकाल के चरणों में प्रदेश की खुशहाली की कामना
उज्जैन स्थित Mahakaleshwar Temple में पहुंचकर मंत्री ने पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने भगवान महाकाल से प्रदेश में शांति, समृद्धि और भाईचारे की कामना की। मंदिर दर्शन के दौरान उन्होंने कहा कि यह समय प्रदेश के लिए नए बदलाव और सकारात्मक दिशा का है, जहां लोग शांति के साथ जीवन जी रहे हैं।
सम्मेलन से मिली नई सोच और ऊर्जा
मंत्री का यह दौरा केवल धार्मिक नहीं था, बल्कि राजनीतिक रूप से भी अहम (Guru Khushwant Saheb statement) था। वे भोपाल में आयोजित युवा विधायक सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे थे, जहां देशभर के जनप्रतिनिधियों से संवाद हुआ। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से जनप्रतिनिधियों को नई दिशा मिलती है और विकास को लेकर सोच मजबूत होती है। साथ ही उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार का आभार जताया।
नक्सलवाद पर दिया बड़ा बयान
मंत्री Guru Khushwant Saheb ने कहा कि अब नक्सलवाद का प्रभाव लगभग समाप्त हो चुका है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि 31 मार्च 2026 तक “लाल आतंक” का अंत हो गया है और अब लोगों के मन में डर नहीं, बल्कि भरोसा है। उन्होंने बताया कि यह बदलाव सरकार की कड़ी रणनीति, सुरक्षा बलों की कार्रवाई और स्थानीय लोगों के सहयोग से संभव हो पाया है।
सरकार का अब विकास पर फोकस
मंत्री ने कहा कि पहले जिन इलाकों में नक्सलवाद का असर था, वहां अब विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं। उन्होंने Narendra Modi और Amit Shah के नेतृत्व का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर इन क्षेत्रों को आगे बढ़ाने में जुटी हैं। अब सरकार का पूरा ध्यान शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर है, ताकि लोगों को बेहतर जीवन मिल सके।
बस्तर समेत कई क्षेत्रों में बदलाव
मंत्री ने कहा कि बस्तर जैसे क्षेत्रों में अब तेजी से परिवर्तन दिखाई (Guru Khushwant Saheb statement) दे रहा है। स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है, जिससे लोगों का जीवन आसान हो रहा है।
उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ देश के विकसित राज्यों में शामिल होगा और जो क्षेत्र पहले संघर्ष से जूझ रहे थे, वहां स्थायी शांति स्थापित होगी। यह बयान न सिर्फ एक राजनीतिक संदेश है, बल्कि राज्य की बदलती तस्वीर को भी दर्शाता है।


