HDFC Bank Employee Fraud : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में मानवता और भरोसे को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। चकरभाठा थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक वकील से उनके ही बैंककर्मी दोस्त ने करीब 3 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है। आरोपी ने खुद को स्कॉटलैंड की एक महिला बताकर चैटिंग की और कैंसर अस्पताल खोलने के लिए भारी-भरकम निवेश का झांसा देकर इस पूरी वारदात को अंजाम दिया।
विदेशी निवेश और डिमांड ड्राफ्ट का मायाजाल
पीड़ित वकील अरुण मिश्रा के मुताबिक, आरोपी ने उन्हें विश्वास दिलाया था कि स्कॉटलैंड से 103 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट (DD) भेजा जा रहा है। इस विशाल राशि को क्लियर कराने के नाम पर शातिर ठग ने अलग-अलग किश्तों में प्रोसेसिंग फीस, क्लियरेंस चार्ज और टैक्स के बहाने पीड़ित से 3 करोड़ रुपये वसूल लिए। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब कोई राशि प्राप्त नहीं हुई, तब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ।
बैंककर्मी दोस्त पर ही लगा जालसाजी का आरोप
हैरानी की बात यह है कि इस हाई-प्रोफाइल ठगी का मुख्य आरोपी पीड़ित का करीबी दोस्त निकला, जो HDFC बैंक में कार्यरत है। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि दोस्त ने ही स्कॉटलैंड की फर्जी पहचान बनाकर वकील से चैटिंग की थी। पुलिस ने आरोपी बैंककर्मी को हिरासत में ले लिया है और उससे कड़ाई से पूछताछ की जा रही है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों का पता लगाया जा सके।
फर्जी दस्तावेजों से जीता पीड़ित का भरोसा
आरोपी ने ठगी को असली रूप देने के लिए पेशेवर तरीके से जाल बिछाया था। उसने पीड़ित का भरोसा जीतने के लिए बैंक ट्रांजैक्शन से जुड़े फर्जी स्क्रीनशॉट और नकली आधिकारिक दस्तावेज भी पेश किए। इन नकली सबूतों के कारण वकील अरुण मिश्रा को यह यकीन हो गया कि 103 करोड़ रुपये की बड़ी रकम जल्द ही उनके खाते में आ जाएगी, जिसके चलते वे लगातार पैसे ट्रांसफर करते रहे।
पुलिस ने शुरू की विस्तृत जांच
एएसपी पंकज कुमार पटेल ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि विदेशी डिमांड ड्राफ्ट के नाम पर करोड़ों की धोखाधड़ी दर्ज की गई है। चकरभाठा थाना पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और बैंक खातों के विवरण खंगाल रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी ने जिस तरह से विदेशी महिला बनकर धोखाधड़ी की है, उसमें और भी कई खुलासे होने की उम्मीद है।


