बिलासपुर: Bilaspur Illegal Construction Ring Road 2 : न्यायधानी में भू-माफियाओं और अवैध निर्माणकर्ताओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे अब न्यायालय और प्रशासन के स्थगन आदेश (Stay Order) को भी ठेंगा दिखा रहे हैं। ताजा मामला रिंग रोड नंबर-02 स्थित एक पॉश वार्ड का है, जहां तहसीलदार की रोक के बावजूद धड़ल्ले से व्यवसायिक निर्माण कार्य किया जा रहा है। इस मामले में नगर निगम और राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं।
तहसीलदार की रोक, फिर भी चल रहा काम
मामले की जड़ में जमीन का विवाद और बिना अनुमति के किया जा रहा निर्माण है।
- स्थगन आदेश: विवादित भूमि पर मालिकाना हक और खसरा नंबरों की गड़बड़ी की शिकायत के बाद नायब तहसीलदार ने जांच पूरी होने तक निर्माण कार्य पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का आदेश जारी किया था।
- अवमानना: शिकायतकर्ता का आरोप है कि आदेश की प्रति तामील होने के बावजूद संबंधित पक्ष ने एक दिन भी काम नहीं रोका। निर्माण स्थल पर धड़ल्ले से पिलर खड़े किए जा रहे हैं और ढलाई का काम चल रहा है।
नगर निगम की भूमिका संदिग्ध?
शिकायतकर्ता ने इस अवैध व्यवसायिक निर्माण की लिखित शिकायत नगर पालिक निगम के जोन कार्यालय और मुख्य कार्यालय में भी की है।
- ऑनलाइन आवेदन का खेल: आरोप है कि जब स्थगन आदेश आया, तो संबंधित व्यक्ति ने आनन-फानन में ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी और इसी की आड़ में निर्माण को “वैध” बताने की कोशिश कर रहा है।
- कार्रवाई का अभाव: निगम की टीम ने अब तक न तो निर्माण स्थल को सील किया है और न ही निर्माण सामग्री जब्त की है, जिससे निगम के अधिकारियों की मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है।
दस्तावेजों में हेरफेर और कोर्ट केस
विवाद केवल निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीन के अस्तित्व पर भी है:
- खसरा नंबर विवाद: आरोप है कि कुछ विशिष्ट खसरा नंबरों की जमीन को जालसाजी कर गलत तरीके से दर्ज कराया गया है।
- विचाराधीन मामला: यह पूरा प्रकरण वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है। कानूनन, सब-ज्यूडिस (Sub-judice) मामले में जब तक कोर्ट का अंतिम फैसला या अनुमति न हो, यथास्थिति (Status Quo) बनाए रखनी होती है।
प्रशासन पर उठते गंभीर सवाल
स्थानीय नागरिकों और शिकायतकर्ता ने जिला प्रशासन से सीधे सवाल किए हैं:
- जब तहसीलदार ने रोक लगाई थी, तो पुलिस और निगम ने काम बंद क्यों नहीं कराया?
- क्या ‘स्टे’ की जानकारी होने के बाद भी बिजली और पानी का अस्थाई कनेक्शन दिया गया है?
- अवैध निर्माण की शिकायतों पर निगम आयुक्त द्वारा सख्त निर्देश के बावजूद जमीनी स्तर पर असर क्यों नहीं दिख रहा?
शिकायतकर्ता की मांग:
शिकायतकर्ता ने नगर निगम आयुक्त और कलेक्टर से मांग की है कि:
- तत्काल प्रभाव से निर्माण स्थल का पंचनामा बनाकर उसे सील किया जाए।
- आदेश की अवहेलना करने वाले व्यक्ति के खिलाफ न्यायालय की अवमानना (Contempt of Court) का मामला दर्ज हो।
- दस्तावेजों की उच्च स्तरीय जांच होने तक किसी भी प्रकार की एनओसी (NOC) जारी न की जाए।


