सीजी भास्कर, 14 अप्रैल : मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में एक 82 वर्षीय सेवानिवृत्त डीएसपी (Retired DSP Arms Act Case) और उनकी 78 वर्षीय पत्नी के साथ पुलिस द्वारा की गई बदसलूकी और उन पर दर्ज किए गए आपराधिक मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना को रिटायर्ड डीएसपी आर्म्स एक्ट विवाद के रूप में देखा जा रहा है, जिस पर छत्तीसगढ़ प्रदेश सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी कल्याण एसोसिएशन ने गहरा रोष व्यक्त करते हुए इसे पुलिस की अमानवीय कार्यप्रणाली करार दिया है।
क्या है पूरा मामला
घटना 7 अप्रैल 2026 की है, जब पन्ना में सीट बेल्ट को लेकर हुए एक मामूली विवाद के बाद पुलिस ने रिटायर्ड डीएसपी भरत सिंह चौहान और उनकी पत्नी श्रीमती राजश्री चौहान के खिलाफ आर्म्स एक्ट जैसी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर दिया। यह पूरा घटनाक्रम रिटायर्ड डीएसपी आर्म्स एक्ट विवाद (Retired DSP Arms Act Case) के तहत चर्चा में बना हुआ है। भरत सिंह चौहान पूर्व में छत्तीसगढ़ के दुर्ग (छावनी), रायपुर (कोतवाली) और बिलासपुर (सिविल लाइन) जैसे महत्वपूर्ण थानों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
एसोसिएशन ने की कड़ी निंदा
छत्तीसगढ़ प्रदेश सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी कल्याण एसोसिएशन ने इस घटना की तीखी निंदा की है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना को पत्र लिखकर मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, वरिष्ठ दंपत्ति पर दर्ज किए गए झूठे अपराध को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने की मांग की गई है। इस पूरे मामले को रिटायर्ड डीएसपी आर्म्स एक्ट विवाद (Retired DSP Arms Act Case) का गंभीर उदाहरण बताया गया है।
एसोसिएशन ने पन्ना की पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं और कहा है कि यह पूरा मामला वरिष्ठ नागरिकों और सेवानिवृत्त अधिकारियों के साथ पुलिस के अमानवीय व्यवहार को दर्शाता है।
इन पदाधिकारियों ने जताया विरोध
इस अमानवीय कृत्य के विरोध में एसोसिएशन के संरक्षक आर.पी. शर्मा, अध्यक्ष (सेवानिवृत्त अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक) बी.बी.एस. ठाकुर सहित बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों ने एकजुटता दिखाई है। विरोध करने वालों में संतोष सिंह गौर, उदयभान सिंह चौहान, व्ही.एस. दवे, भारत भूषण शर्मा, सुरेश चंद्र गोस्वामी, आर.के. राय, अजीत यादव, विश्वास चंद्राकर, कविलाश टंडन, राकेश जोशी, सचिन देव शुक्ला, राजेंद्र प्रसाद शर्मा, एन.के. साहू, रविंद्र उपाध्याय ने विरोध्हे जताया है।
इसके अलावा महेश सिन्हा, राजेंद्र प्रसाद यादव, लल्लन सिंह, सुरेश तिवारी, जगदीश उइके, रोहित बघेल, जी.सी. पति, के.एम.एस. खान, शौकत अली, वीरेंद्र सतपति, विनोद कुमार पहाड़े, नरेंद्र हरिहरणो, विजय शर्मा, दिनेश कुमार त्रिपाठी, नवीन शंकर चौबे, अशोक जोशी और राजेंद्र सिंह प्रमुख रूप से शामिल हैं। एसोसिएशन का कहना है कि एक रिटायर्ड पुलिस अधिकारी और वरिष्ठ नागरिक के साथ इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त योग्य नहीं है और यह पुलिस की छवि पर एक गहरा दाग है। इस पूरे प्रकरण को रिटायर्ड डीएसपी आर्म्स एक्ट विवाद (Retired DSP Arms Act Case) के रूप में देखते हुए सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों ने उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।


