सीजी भास्कर, 16 अप्रैल 2026 |
छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में उधार में दिए 5 करोड़ वापस नहीं मिलने पर कारोबारी ने अपने पूरे परिवार के साथ जहर पी लिया। सुसाइड की कोशिश के बाद चारों की हालत गंभीर बनी हुई है, उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात की है।
व्यापारी ने 3 पन्नों का सुसाइड नोट भी लिखा है, जिसमें 4 से 5 करोड़ रुपए के लेनदेन जिक्र है। देनदारों ने पैसे लौटाने से साफ इनकार कर दिया था। जान से मारने की धमकी भी दी। जिसके चलते वो मानसिक रूप परेशान चल रहे थे। इसलिए व्यापारी ने आत्मघाती कदम उठा लिया। मामला कोतवाली थाना इलाके का है।
अब जानिए क्या है पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक, व्यापारी योगेश जैन (42) ने अपनी पत्नी सुमन जैन (37), बेटे प्रिंस (17) और बेटी तारिका (16) को 14 अप्रैल की रात जहर (कीटनाशक) दे दिया। फिर खुद भी पी लिया। रात करीब 2:30 बजे योगेश ने अपने बड़े भाई लक्ष्मीचंद को फोन कर घटना की जानकारी दी।
सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और सभी को तत्काल निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज जारी है। योगेश जैन की कवर्धा के लोहारा रोड स्थित भागो टोला के पास एक बिल्डिंग मटेरियल की दुकान है।
सुसाइड नोट में करोड़ों के लेनदेन का जिक्र
पुलिस को घटना स्थल से 3 पन्नों का सुसाइड नोट मिला है। इसमें 4 से 5 करोड़ रुपए के लेनदेन की बात लिखी गई है। नोट में एक व्यक्ति पर 5 करोड़ रुपए से अधिक की राशि होने की बात कही गई है।
‘चार ट्रेडर्स’ के नाम पर 3.20 करोड़ दिए, नहीं लौटे पैसे
सुसाइड नोट के अनुसार, योगेश जैन ने साल 2020 से 2025 के बीच ‘चार ट्रेडर्स’ के नाम पर करीब 3 करोड़ 20 लाख रुपए दिए थे, लेकिन यह रकम उन्हें वापस नहीं मिली। रकम मांगने पर संबंधित व्यक्ति लगातार टालमटोल करता रहा।
पैसे मांगने पर धमकी, मानसिक रूप से थे परेशान
परिजनों का आरोप है कि, देनदार समसुद्दीन ने पैसे लौटाने से साफ इनकार कर दिया था। ज्यादा दबाव बनाने पर जान से मारने की धमकी भी दी थी। कथित तौर पर इसकी रिकॉर्डिंग भी पीड़ित के पास थी। लगातार दबाव और तनाव के चलते योगेश जैन मानसिक रूप से परेशान थे। आखिरकार उन्होंने यह कदम उठा लिया।
भाई ने बताई पूरी घटना
योगेश के भाई लक्ष्मीचंद जैन ने बताया कि, रात में फोन कर योगेश ने कहा कि उसने पूरे परिवार के साथ जहर (कीटनाशक) सेवन कर लिया है। उन्होंने यह भी बताया कि सुसाइड नोट में ग्राम रेंगाखुर्द निवासी व्यापारी समसुद्दीन का नाम लिखा है, जिससे करोड़ों रुपए लेना बाकी था और जो पैसे लौटाने से इनकार कर रहा था।
समसुद्दीन कहने लगा कि, वापस नहीं करूंगा, जो करना है कर लेना। ज्यादा दबाओ डालेगा तो गाड़ी से उड़ाने की भी धमकी दी गई। इससे परेशान होकर मेरे भाई ने यह गंभीर कदम पूरे परिवार के साथ उठाया है।
अचेत हालत में चारों, बयान दर्ज करना चुनौती
फिलहाल परिवार के सभी सदस्य अचेत अवस्था में हैं, जिसके कारण पुलिस अब तक किसी का बयान दर्ज नहीं कर पाई है। ऐसे में जांच में कई अहम पहलुओं की पुष्टि होना बाकी है। पुलिस का मानना है कि जब तक चारों में से किसी एक का भी बयान नहीं हो पाता, तब तक मामले की सच्चाई तक पहुंचना मुश्किल होगा।
सुसाइड नोट की सत्यता जांच रहे- पुलिस
इस मामले में कोतवाली थाना प्रभारी योगेश कश्यप ने बताया कि, सुसाइड नोट की सत्यता और उसमें लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। घटना स्थल को सील कर दिया गया है। सभी बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।


