सीजी भास्कर, 17 अप्रैल : मातृ-शिशु अस्पताल (SNCU Newborn Care) अब नवजातों के लिए जीवनदान देने वाला केंद्र बनता जा रहा है। यहां की स्पेशल न्यू बॉर्न केयर यूनिट यानी एसएनसीयू नवजात शिशुओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। अत्याधुनिक सुविधाओं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में गंभीर स्थिति में जन्मे बच्चों को भी नया जीवन मिल रहा है। यह व्यवस्था एसएनसीयू यूनिट के रूप में जिले के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूती दे रही है।
हाल ही में जिला अस्पताल बलौदाबाजार में संचालित मातृ-शिशु अस्पताल में एक जटिल मामले में समय से पहले जन्मे मात्र 780 ग्राम वजन के नवजात को यहां जीवनदान मिला। बेहद नाजुक हालत में भर्ती किए गए इस शिशु को डॉक्टरों ने लगातार निगरानी में रखा और एसएनसीयू यूनिट (SNCU Newborn Care) में विशेष उपचार दिया। करीब 68 दिनों तक चले इलाज के बाद शिशु का वजन बढ़कर 1 किलो 300 ग्राम तक पहुंच गया और उसे स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। यह सफलता जिले के स्वास्थ्य तंत्र के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
अस्पताल में नवजातों को पूरी तरह निःशुल्क उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे गरीब और ग्रामीण परिवारों को बड़ी राहत मिल रही है। पहले ऐसे मामलों में परिजनों को हायर सेंटर या निजी अस्पतालों की ओर जाना पड़ता था, लेकिन अब जिले में ही बेहतर इलाज संभव हो गया है। यही कारण है कि एसएनसीयू सुविधा एसएनसीयू सेवाएं (SNCU Newborn Care) आम लोगों के लिए भरोसे का केंद्र बन चुकी हैं।
सीएमएचओ डॉ. राजेश अवस्थी के अनुसार सितंबर 2022 से शुरू हुई इस यूनिट में अब तक सैकड़ों नवजात स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। वहीं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. रोशन देवांगन ने बताया कि पिछले दो वर्षों में समय से पूर्व जन्मे 11 गंभीर नवजातों को विशेष देखभाल से पूरी तरह स्वस्थ किया गया है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि एसएनसीयू मॉडल एसएनसीयू स्वास्थ्य सुविधा (SNCU Newborn Care) किस तरह शिशु मृत्यु दर को कम करने में कारगर साबित हो रहा है।
जिला अस्पताल की यह पहल न केवल चिकित्सा सेवाओं को मजबूत कर रही है, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को भी संबल दे रही है। आधुनिक उपकरणों, प्रशिक्षित स्टाफ और निरंतर निगरानी के चलते यह यूनिट अब जिले का सबसे भरोसेमंद नवजात देखभाल केंद्र बन चुकी है।


