सीजी भास्कर, 17 अप्रैल : देश की संसद में महिला आरक्षण और परिसीमन बिल पर देर रात तक गहन चर्चा (Parliament Session 2026) होती रही। यह मुद्दा अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे महिलाओं को राजनीति में अधिक अवसर मिलने की संभावना है। इसी दौरान सरकार ने महिलाओं के लिए संसद में 33 प्रतिशत सीट आरक्षित करने वाला महिला आरक्षण अधिनियम-2023 (Parliament Session 2026) देर रात लागू कर दिया।
इसके लिए कानून मंत्रालय की ओर से आधिकारिक नोटिफिकेशन भी जारी किया गया। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो सका कि इसे बहस के बीच ही क्यों लागू किया गया, और अधिकारियों ने इसे तकनीकी कारण बताया है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसका लाभ वर्तमान लोकसभा में तुरंत लागू नहीं होगा।
महिला आरक्षण कानून लागू
सरकार ने महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीट आरक्षण का प्रावधान करने वाला महिला आरक्षण कानून 2023 (Parliament Session 2026) लागू कर दिया है। इससे देश में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में इसे एक बड़ा कदम माना जा रहा है। हालांकि, इसका सीधा लाभ मौजूदा लोकसभा में तुरंत प्रभाव से लागू नहीं होगा।
महिला आरक्षण पर बोले पीएम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण (Parliament Session 2026) पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि यह महिलाओं को उनका अधिकार देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार नारी शक्ति के सशक्तिकरण की दिशा में काम कर रही है और यह निर्णय उसी का हिस्सा है।
लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा आज सुबह शुरू हुई थी। कई सदस्यों ने विभिन्न मुद्दे उठाए हैं और सरकार उन सभी मामलों पर सदन को विस्तृत और सटीक जानकारी देगी। उन्होंने कहा कि वह उन बारीकियों में नहीं जाना चाहते। उन्होंने यह भी कहा कि किसी देश के जीवन में कुछ महत्वपूर्ण क्षण आते हैं, जब समाज की सोच और नेतृत्व की क्षमता उस क्षण को राष्ट्र निर्माण की दिशा में बदल देती है। भारत के संसदीय लोकतंत्र के इतिहास में यह ऐसे ही महत्वपूर्ण क्षण हैं (Parliament Session 2026)।
‘इस मौके को हाथ से नहीं जाने देंगे’
प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने पहले भी कहा था कि यह हम सभी के लिए सौभाग्य का अवसर है कि हमें देश की आधी आबादी से जुड़े इस महत्वपूर्ण राष्ट्र-निर्माण (Parliament Session 2026) प्रक्रिया में भाग लेने का मौका मिला है। उन्होंने कहा कि सांसदों को इस अवसर को हाथ से नहीं जाने देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि हम सभी मिलकर देश को एक नई दिशा देने जा रहे हैं और शासन प्रणाली में संवेदनशीलता लाने का प्रयास करेंगे। यह कदम न केवल देश की राजनीति को प्रभावित करेगा बल्कि देश की दिशा और दशा भी तय करेगा ।


