सीजी भास्कर, 19 अप्रैल। गरियाबंद जहां 15 दिनों में 3 युवाओं ने आत्महत्या कर ली, उसी थाना क्षेत्र में प्रभारी एसपी ने थाना कैम्पस में करियर गाइडेंस कैंप लगाया. कैंप के जरिए 100 से ज्यादा ग्रामीण युवकों को बताया कि मुश्किल की घड़ी में मोबाइल नहीं, परिवार को सहारा बनाएं. सफलता का पैमाना संपत्ति नहीं, संतुष्टि है. नशा से दूर रहेंगे तो सफलता कदम चूमेगी।(A ray of hope amidst despair)
प्रभारी एसपी नीरज चंद्राकर ने देवभोग थाना कैम्पस में करियर गाइडेंस कैंप का आयोजन किया, जिसमें नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र से 100 से ज्यादा युवा पहुंचे। (A ray of hope amidst despair)
चंद्राकर ने मार्गदर्शन की शुरुआत एक ऐसे छात्र के किस्से से शुरू किया, जिसने इंटर की पढ़ाई में अधिकतम 44 प्रतिशत अंक प्राप्त किया, समाज और परिवार के नजरिए वो असफल था, पर अपनी अन्य सकारात्मक रुचियों के चलते छात्र पढ़ाई क्षेत्र में अपने आप को सफल मानता रहा।
समय के साथ लक्ष्य निर्धारित किया, विषम परिस्थितियों का डट कर मुकाबला किया पिता के बताए आदर्शों का पालन किया और पहली प्रयास में यूपीएसी एक्जाम में सफल हो गया। कहानी के अंत में बताया कि वो छात्र कोई और नहीं बल्कि स्वयं हैं।
एसपी ने बताया मूलमंत्र : A ray of hope amidst despair
प्रभारी एसपी ने कहा कि सफलता का पैमाना संपत्ति नहीं बल्कि संतुष्टि से है।
सफलता के मूल मंत्र को बताते हुए कहा कि सबसे पहले अपने सबसे प्रिय वस्तु का त्याग करना है जो आज के परिवेश में मोबाइल है।नशा पान से दूर रहना,जरूरत पूरा करने के लिए गलत रस्ते पर नहीं चलना, परेशानी में पड़े तो परिवार को समाधान का माध्यम बनाने की सलाह दिया ।
ग्रुप स्टडी, डिस्कशन,डाइट,गाइड और स्वास्थ्य कैरियर की सफलता के लिए जरूरी है।
युवाओं से सार्थक संवाद कर एसपी चंद्राकर ने कहा कि हर काम में सकारात्मक सोच के साथ मन की संतुष्टि लाए तो सफल पीछे पीछे भाग आएगी।
आयोजन में मंचस्थ नगर पंचायत अध्यक्ष राजेश तिवारी, उपाध्यक्ष सुशील यादव, आप नेता मनोज मिश्रा ने पुलिस की इस पहल की सराहना किया।पत्रकार जयविलास शर्मा ने मंच का संचालन किया।
थाना प्रभारी फैजुल हुदा शाह ने आयोजन को सफल बनाने उपस्थिति कॉलेज प्रोफेसर,गणमान्य नागरिक एवं मौजूद युवाओं का आभार व्यक्त किया।


