सीजी भास्कर, 25 मई। ईरान को लेकर चल रही कूटनीतिक हलचलों के बीच पश्चिम एशिया में एक बार फिर नए समीकरणों की चर्चा (Abraham Accords ) तेज हो गई है। कई मुस्लिम देशों और इजराइल के रिश्तों को लेकर अचानक बढ़ी गतिविधियों ने राजनीतिक गलियारों में उत्सुकता बढ़ा दी है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पहल को लेकर अलग अलग देशों में चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में कई देशों के नेताओं के साथ हुई बातचीत में ट्रंप ने ऐसा प्रस्ताव रखा है जिसने पश्चिम एशिया की राजनीति को लेकर नए संकेत दे दिए हैं। खासकर ईरान के साथ संभावित समझौते के बाद इजराइल के साथ संबंध सामान्य करने को लेकर माहौल गर्माया हुआ है।
समझौते को आगे बढ़ाने पर जोर : Abraham Accords
अब्राहम अकॉर्ड्स को इजराइल और कई अरब देशों के बीच रिश्ते सामान्य करने की बड़ी पहल माना जाता है। वर्ष 2020 में शुरू हुए इस समझौते के तहत संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, सूडान और मोरक्को पहले ही शामिल हो चुके हैं। अब चर्चा इस बात की हो रही है कि आने वाले समय में दूसरे मुस्लिम देशों को भी इस प्रक्रिया में जोड़ा जा सकता है। ट्रंप का मानना है कि इससे क्षेत्र में तनाव कम होगा और आर्थिक सहयोग को मजबूती मिलेगी।
कई देशों के नेताओं से हुई बातचीत
जानकारी के मुताबिक ट्रंप ने हाल ही में कई देशों के नेताओं से फोन पर बातचीत की। इसमें सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, पाकिस्तान, तुर्की, मिस्र, जॉर्डन और बहरीन जैसे देशों के नाम सामने आए हैं। बताया गया कि बातचीत के दौरान ईरान से जुड़े तनाव और संभावित समझौते पर चर्चा हुई। इसी दौरान ट्रंप ने उन देशों को भी आगे आने का संदेश दिया जिन्होंने अब तक इजराइल के साथ औपचारिक संबंध स्थापित नहीं किए हैं।
कुछ देशों की चुप्पी भी बनी चर्चा
बैठक के दौरान कुछ देशों की ओर से खुलकर प्रतिक्रिया नहीं आने की बात भी सामने (Abraham Accords ) आई है। माना जा रहा है कि कई मुस्लिम देशों के लिए इजराइल के साथ रिश्तों को लेकर अब भी संवेदनशील स्थिति बनी हुई है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि अगर ईरान के साथ तनाव कम होता है तो पश्चिम एशिया में नई कूटनीतिक तस्वीर उभर सकती है।
भविष्य को लेकर भी दिया बड़ा संकेत
ट्रंप ने कहा कि उनके सलाहकार आने वाले समय में अलग अलग देशों के साथ इस मुद्दे पर लगातार चर्चा करेंगे। उन्होंने यह दावा भी किया कि कई देशों ने उनकी पहल का समर्थन (Abraham Accords ) किया है। उन्होंने यहां तक कहा कि भविष्य में ईरान भी इस समझौते का हिस्सा बन सकता है, लेकिन इसके लिए इजराइल को मान्यता देना जरूरी होगा। इस बयान के बाद पश्चिम एशिया की राजनीति को लेकर नई चर्चाएं तेज हो गई हैं।



