सीजी भास्कर, 06 अगस्त। अगरबत्ती बनाने की मशीन, बायबैक गारंटी और रोजगार के नाम पर ठगी के आरोपों (Agarbatti Machine Dispute) का सामना कर रहे भारत ग्रुप ने पहली बार पूरे मामले पर अपना पक्ष रखा है। कंपनी ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उनके साथ करीब 200 लोग कार्य कर रहे हैं, जिनमें से केवल 22 लोगों ने शिकायत दर्ज कराई है। कंपनी का दावा है कि मशीनें सुचारु रूप से संचालित हो रही हैं और अनुबंध की शर्तों के अनुसार ही भुगतान किया जा रहा है।
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कंपनी बोली- गोदाम में लगातार हो रहा उत्पादन और पैकेजिंग
कंपनी के गोदाम में फिलहाल अगरबत्ती की पैकेजिंग और परिवहन का कार्य जारी है। कर्मचारियों के अनुसार, विभिन्न जिलों से जुड़े लोग तैयार अगरबत्ती यहां जमा कराते हैं, जिसके बाद उसकी गुणवत्ता जांच, पैकेजिंग और आगे की प्रक्रिया पूरी की जाती है।
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सर्विस मैनेजर ने आरोपों को बताया निराधार
कंपनी की सर्विस मैनेजर निकिता शाह ने कहा कि ठगी के आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं। उनके अनुसार, बड़ी मात्रा में तैयार अगरबत्ती गोदाम में उपलब्ध है और उत्पादन नियमित रूप से जारी है।
उन्होंने बताया कि भुगतान में देरी केवल उन्हीं मामलों में होती है, जहां तैयार माल में गुणवत्ता संबंधी खामियां पाई जाती हैं। ऐसे मामलों में जांच के बाद ही सही उत्पाद का भुगतान किया जाता है।
मशीनों के खराब होने के आरोपों पर कंपनी का कहना है कि कई बार निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार मशीनों का संचालन नहीं होने से तकनीकी दिक्कतें आती हैं। शिकायत मिलने पर तकनीशियन उपलब्ध होने पर उसका समाधान किया जाता है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रतिदिन 2 हजार रुपये तक की आय का दावा कुछ निर्धारित शर्तों के आधार पर किया गया था।
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पीड़ितों का आरोप- वादे पूरे नहीं किए
दूसरी ओर, शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कंपनी ने रोजगार और बायबैक गारंटी का भरोसा देकर उनसे लाखों रुपये लिए, लेकिन बाद में वादों को पूरा नहीं किया। पीड़ितों ने जनदर्शन और रायपुर पुलिस कमिश्नरेट में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ताओं का यह भी आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के बाद कंपनी की ओर से उन्हें कानूनी नोटिस भेजे गए।
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जांच जारी, एफआईआर दर्ज नहीं
फिलहाल मामले में किसी भी पक्ष के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस के अनुसार अब तक इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की गई है और प्राप्त शिकायतों की जांच की जा रही है। जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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