सीजी भास्कर, 18 जून। देश के लिए जान न्योछावर करने वाले एक युवा अधिकारी की शहादत के बाद पूरा गांव गर्व और गम के बीच (Air Force Officer) डूबा हुआ है। लेकिन अंतिम संस्कार के कुछ दिनों बाद ही परिवार के भीतर शुरू हुआ विवाद अब चर्चा का विषय बन गया है। सहायता राशि और पारिवारिक संबंधों को लेकर उठे सवालों ने लोगों का ध्यान खींचा है।
गांव में जहां एक ओर शहीद को श्रद्धांजलि दी जा रही है, वहीं दूसरी ओर परिजनों के आरोप और दावे नए विवाद को जन्म दे रहे हैं। परिवार के सदस्यों का कहना है कि बेटे की शहादत के बाद जो होना चाहिए था, वैसा नहीं हुआ और इसी वजह से नाराजगी बढ़ी है।
सहायता राशि को लेकर उठा विवाद : Air Force Officer
असम के जोरहाट में हुए वायुसेना विमान हादसे में शहीद हुए लेफ्टिनेंट शुभम कुमार के परिवार में सरकारी सहायता राशि को लेकर विवाद सामने आया है। शहीद के पिता अमरेंद्र शर्मा ने आरोप लगाया है कि उनकी बहू श्रेया को मिली 21 लाख रुपये की सहायता राशि के बारे में परिवार को कोई जानकारी नहीं दी गई।
उनका कहना है कि अंतिम संस्कार के दौरान ही यह राशि प्रदान की गई, लेकिन इसकी सूचना परिवार के अन्य सदस्यों को नहीं दी गई। इसी बात को लेकर अब परिवार में नाराजगी देखने को मिल रही है।
पिता ने लगाए गंभीर आरोप
शहीद के पिता का दावा है कि शुभम और श्रेया की शादी परिवार की सहमति से तय हुई थी, लेकिन बाद में उन्हें पता चला कि दोनों ने पहले ही कोर्ट मैरिज कर ली थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बारे में परिवार को जानकारी नहीं दी गई थी। उनका कहना है कि यदि श्रेया परिवार की बहू थीं तो उन्हें अंतिम संस्कार से लेकर अन्य पारिवारिक रस्मों तक परिवार के साथ रहना चाहिए था।
कैसे हुई थी दोनों की मुलाकात
परिजनों के अनुसार शुभम ने वर्ष 2017 में पहली कोशिश में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उनकी पहली नियुक्ति हैदराबाद (Air Force Officer) में हुई थी। इसी दौरान उनकी मुलाकात श्रेया से हुई, जो स्वयं भी वायुसेना में लेफ्टिनेंट के पद पर कार्यरत बताई जाती हैं। बाद में दोनों के रिश्ते को परिवार की सहमति भी मिल गई थी और विवाह की तैयारियां शुरू हो गई थीं।
दादी के निधन के बाद टली थी शादी
परिवार का कहना है कि वर्ष 2025 में दोनों की शादी की तारीख तय कर दी गई थी। हालांकि शुभम की दादी के निधन के बाद विवाह कार्यक्रम को एक वर्ष के लिए स्थगित कर दिया गया। इसी बीच दोनों के कोर्ट मैरिज करने की बात सामने आई, जिसे लेकर अब परिवार सवाल उठा रहा है।
साधारण परिवार से थे शुभम
ग्रामीणों के मुताबिक शुभम का परिवार बेहद सामान्य पृष्ठभूमि से आता है। पिता खेती किसानी से जुड़े हैं और परिवार ने नया मकान बनाने के लिए बैंक से ऋण भी लिया था।
बताया जा रहा है कि घर का निर्माण कार्य अभी पूरा नहीं हो सका है। परिवार का सपना था कि बेटे की शादी और नया घर एक साथ पूरा होगा, लेकिन हादसे ने सब कुछ बदल दिया।
हादसे ने छीन लिया होनहार बेटा
13 जून को असम के जोरहाट में वायुसेना का एक परिवहन विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में लेफ्टिनेंट शुभम कुमार की जान चली गई थी। अगले दिन पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
परिवार और ग्रामीणों का कहना है कि शुभम बेहद प्रतिभाशाली और अनुशासित युवा अधिकारी थे। कम उम्र में उन्होंने कई उपलब्धियां हासिल की थीं और पूरे क्षेत्र को उन पर गर्व था।
परिवार अब भी सदमे में
शुभम के छोटे भाई ने बताया कि हादसे वाले दिन सुबह उनकी भाई से बातचीत (Air Force Officer) हुई थी। कुछ समय बाद अधिकारियों से दुर्घटना की सूचना मिली, जिसके बाद पूरा परिवार गहरे सदमे में चला गया।
फिलहाल सहायता राशि को लेकर उठे विवाद और परिजनों के आरोपों के बीच मामला चर्चा में है। हालांकि संबंधित पक्षों की ओर से इन आरोपों पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।





