सीजी भास्कर, 03 जून : सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत ग्राम चेरपाल में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर (Ajeevika Grameen Express Yojana) के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में एक बड़ी पहल की। उन्होंने विकासखंड कुआकोंडा एवं कटेकल्याण के 8 संकुल स्तरीय संगठनों को आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना (AGEY) के अंतर्गत टाटा मैजिक सवारी वाहनों की चाबियां सौंपीं। मुख्यमंत्री ने इन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और स्व-सहायता समूहों की दीदियों को बधाई देते हुए उनके सफल भविष्य की कामना की।
इस मौके पर अधिकारियों ने बताया कि आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना (Ajeevika Grameen Express Yojana) का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में स्वरोजगार के नए अवसर पैदा करने के साथ-साथ सुदूर अंचलों में ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना है। योजना के तहत दिए गए हर टाटा मैजिक वाहन के लिए करीब 5 लाख रुपये की सब्सिडी (अनुदान सहायता) दी गई है। इन वाहनों के चलने से स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को कमाई का एक नियमित जरिया मिलेगा और ग्रामीण परिवहन तंत्र भी मजबूत होगा।
आजीविका सशक्त करने में जुटा बिहान मिशन
कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के जरिए जिले में महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए बड़े पैमाने पर काम किया जा रहा है। मौजूदा समय में जिले के 41 हजार 110 परिवारों को स्व-सहायता समूहों (SHGs) से जोड़कर स्वरोजगार और आय बढ़ाने वाली गतिविधियों से जोड़ा जा चुका है। समूह की महिलाएं खेती-किसानी, पशुपालन, छोटे उद्योगों, वनोपज प्रोसेसिंग और अन्य आजीविका कार्यों के माध्यम से अपनी आमदनी बढ़ा रही हैं और विकास की मुख्यधारा से जुड़ रही हैं।
गांव और शहर के बीच बढ़ेगी कनेक्टिविटी
मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए इन वाहनों के संचालन से ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों को सुगम, सुरक्षित और किफायती सफर की सुविधा मिलेगी। इससे अंदरूनी गांवों का स्थानीय बाजारों, अस्पतालों, स्कूलों-कॉलेजों और जिला मुख्यालय से सीधा संपर्क हो जाएगा। इसके साथ ही, महिलाओं को गाड़ियों के संचालन व मैनेजमेंट से हर महीने तय आमदनी होगी, जिससे उनके परिवारों का आर्थिक स्तर और बेहतर होगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। स्व-सहायता समूहों की महिलाएं आज ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनकर सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को रोजगार और उद्यमिता के नए मौके मिल रहे हैं, जिससे वे समाज और प्रदेश के विकास में अपनी भागीदारी निभा रही हैं।
इस दौरान उपस्थित महिलाओं ने मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना से उन्हें न सिर्फ कमाई का जरिया मिला है, बल्कि ग्रामीणों की सेवा करने का मौका भी मिलेगा। यह कदम महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास में मील का पत्थर साबित होगा।




