सीजी भास्कर, 29 मई। रायपुर। कर्नाटक कांग्रेस में सत्ता परिवर्तन के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति भी गरमा गई है। बीजेपी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव के बीच कथित “ढाई-ढाई साल” के फॉर्मूले को लेकर सोशल मीडिया पर निशाना साधा, जिस पर भूपेश बघेल ने पलटवार करते हुए बीजेपी पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है। (Bhupesh said – BJP is spreading confusion)
“हाईकमान का फैसला सर्वोपरि” : Bhupesh said – BJP is spreading confusion
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि कांग्रेस में हाईकमान का निर्णय सर्वोपरि होता है और एक अनुशासित कार्यकर्ता कभी उस पर सवाल नहीं उठाता। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के पहले दिन से ही उनसे पूछा जाता था कि क्या वे ढाई साल बाद पद छोड़ देंगे, लेकिन उनका हमेशा एक ही जवाब रहा कि हाईकमान जब कहेगा, उसी दिन इस्तीफा दे देंगे।बघेल ने कहा कि पांच साल पूरे हो गए, लेकिन पार्टी नेतृत्व की ओर से ऐसा कोई निर्देश नहीं मिला। उन्होंने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि उसका काम केवल भ्रम और नफरत फैलाना है।
NEET परीक्षा में सेना की मदद पर केंद्र को घेरा
NEET परीक्षा में वायुसेना की मदद लेने के प्रस्ताव पर भी भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि सेना का काम देश की सुरक्षा करना है, परीक्षा कराना नहीं।उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने खुद स्वीकार कर लिया है कि गृह मंत्रालय और राज्य पुलिस व्यवस्था पर उसे भरोसा नहीं रह गया है। बघेल ने कहा कि समस्या शिक्षा व्यवस्था और एनटीए में है, लेकिन समाधान कहीं और ढूंढा जा रहा है।
“प्रदेश में हर विभाग की स्थिति खराब” : Bhupesh said – BJP is spreading confusion
मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों के बीच भूपेश बघेल ने राज्य सरकार के कामकाज पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जनता को न तो समय पर राशन मिल पा रहा है और न ही पीने का पानी। बिजली कटौती से लोग परेशान हैं और कोई भी विभाग धरातल पर काम करता नजर नहीं आ रहा।उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने 60 महीनों में 95 जनकल्याणकारी योजनाएं शुरू की थीं, लेकिन मौजूदा सरकार ने उन्हें बंद कर दिया है। बघेल ने कहा कि बीजेपी सरकार का काम “माइनस” में जाएगा।
मंदिर हसौद हत्या मामले पर जताया दुख
रायपुर के मंदिर हसौद इलाके में पानी के विवाद में युवक की हत्या के मामले पर भी पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि समाज में बढ़ती नफरत और प्रशासनिक अराजकता इसके लिए जिम्मेदार है।
बघेल ने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून व्यवस्था चरमरा गई है। उन्होंने कहा कि एक तरफ विधायक अधिकारियों से मारपीट कर रहे हैं और दूसरी ओर विपक्षी नेताओं पर फर्जी मामले दर्ज किए जा रहे हैं।




