सीजी भास्कर, 13 अक्टूबर : छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर स्थित प्लेस ऑफ सेफ्टी में सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देते हुए छह अपचारी बालक फरार हो गए। भागने से पहले उन्होंने रसोइये पर गर्म खाना फेंका और ड्यूटी पर तैनात गार्ड को कमरे में बंद कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस (Ambikapur Police) ने तलाश शुरू की। छह में से दो बालक घायल अवस्था में वापस लौट आए या पकड़ लिए गए, जबकि चार की तलाश जारी है। फरार बालकों की उम्र 16 से 18 वर्ष के बीच बताई गई है।
यह भी पढ़ें : Noise Pollution Bill : 50 हजार जुर्माना देकर रातभर बजा सकेंगे DJ! कोलाहल विधेयक पर पर्यावरणविद् ने उठाए 10 सवाल
खाने के दौरान मचाया हंगामा
जानकारी के मुताबिक, घटना बीती रात करीब 8.30 से 9 बजे के बीच हुई। भोजन के लिए बालकों को बैरक से बाहर निकाला गया था। इसी दौरान छह बालकों ने हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने रसोइये पर गर्म खाना फेंका और ड्यूटी पर मौजूद गार्ड को एक कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद सभी मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलने पर गांधीनगर थाना पुलिस (Ambikapur Police) मौके पर पहुंची और तलाश शुरू की।
यह भी पढ़ें : Python Surgery : स्नेकमैन 250 किमी दूर ले गया अजगर, 3 घंटे की सर्जरी में निकाला ट्यूमर
दो घायल, चार अब भी फरार
तलाश के दौरान दो बालकों के घायल होने की जानकारी सामने आई। इनमें से एक के पैरों में गंभीर चोट आई थी। वह ज्यादा दूर नहीं जा सका और लंगड़ाते हुए वापस लौट आया। दूसरे बालक के सिर में भागते समय गिरने से चोट लगी। पुलिस (Ambikapur Police) ने उसे पकड़कर संस्था प्रबंधन के हवाले कर दिया। इस तरह छह में से दो बालक वापस आ गए या पकड़ लिए गए, जबकि चार अब भी फरार हैं। पुलिस ने रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और संभावित ठिकानों पर तलाश की। हालांकि, खबर लिखे जाने तक चारों का पता नहीं चल सका था।
यह भी पढ़ें : CG Assistant Teacher Vacancy : हाईकोर्ट के आदेश से बदले नियम, अब दिव्यांग अभ्यर्थी भी कर सकेंगे आवेदन
हत्या और चोरी के मामले
पुलिस के मुताबिक, फरार बालकों की उम्र 16 से 18 वर्ष के बीच है। उनके खिलाफ हत्या और चोरी सहित गंभीर अपराधों से जुड़े मामले दर्ज हैं। पुलिस (Ambikapur Police) की प्राथमिकता उन्हें तलाश कर सुरक्षित वापस लाना है। साथ ही घटना के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूक और बालकों के फरार होने की परिस्थितियों की भी जांच की जा सकती है।
यह भी पढ़ें : Chhattisgarh Civic Elections : तीन नगर निगमों में किसकी बनेगी सरकार! कांग्रेस की साख दांव पर, भाजपा ने कसी कमर
पहले भी भाग चुके बालक
अंबिकापुर के कन्या परिसर मार्ग पर बाल संप्रेक्षण गृह और प्लेस ऑफ सेफ्टी संचालित हैं। इन संस्थानों से पहले भी अपचारी बालकों के फरार होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, फरवरी में प्लेस ऑफ सेफ्टी से 15 बालक गार्ड पर हमला करने के बाद फरार हुए थे। इनमें से पांच को पकड़ा गया था। जून में बाल संप्रेक्षण गृह से 11 बालक खिड़की उखाड़कर भागे थे, जिनमें से दो वापस लाए गए। जुलाई में भी 13 बालक पुराना दरवाजा तोड़कर फरार हुए थे। इनमें से दो पकड़े गए थे। इसके अलावा, तीन बालकों के शौचालय का रोशनदान तोड़कर भागने की घटना भी सामने आई थी।
यह भी पढ़ें : Court Relief for Rahul Gandhi : पीएम मोदी पर टिप्पणी से जुड़े मानहानि केस की सुनवाई पर रोक
अधीक्षक निलंबित, फिर सवाल
पिछली घटनाओं के बाद संस्था के अधीक्षक को निलंबित किए जाने की जानकारी है। वर्तमान में प्लेस ऑफ सेफ्टी का संचालन आरक्षकों के भरोसे किया जा रहा है। सरगुजा कलेक्टर भी प्लेस ऑफ सेफ्टी और बाल संप्रेक्षण गृह को अधिक सुरक्षित बनाने के निर्देश दे चुके हैं। इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था में कुछ बदलाव किए गए थे। इसके बावजूद छह बालकों के फरार होने की नई घटना ने निगरानी और सुरक्षा इंतजामों पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पुलिस चारों फरार बालकों की तलाश कर रही है। साथ ही ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जरूरत है।



