सीजी भास्कर, 23 जून : छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के खर्वे गांव में तीन महीने के भीतर हुई 8 संदिग्ध मौतों (Balodabazar Poison Liquor Case) के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कसडोल पुलिस ने आरोपी रामसहाय जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी छोटी-छोटी बातों और लोगों द्वारा मजाक उड़ाए जाने को लेकर मन में दुश्मनी पाल लेता था। पुलिस का आरोप है कि उसने जहरीला पदार्थ मिलाकर शराब पिलाई, जिससे कई लोगों की मौत हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी के खिलाफ हत्या और विषैले पदार्थ देने सहित विभिन्न धाराओं के तहत कुल 9 प्रकरण दर्ज किए गए हैं।
Balodabazar Poison Liquor Case ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है। तीन महीने में एक ही गांव के 8 लोगों की मौत के बाद पुलिस ने आरोपी रामसहाय जायसवाल को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने आरोपी के घर, दुकान और अन्य स्थानों से शराब में मिलाए जाने वाले संदिग्ध जहरीले पदार्थ को जब्त किया है।
8 मौतों से दहशत, गांव में फैला था भय
खर्वे गांव में लगातार हो रही मौतों से ग्रामीणों में भय का माहौल बन गया था। लोगों की मांग पर पुलिस ने सात शवों को कब्र से निकालकर दोबारा पोस्टमॉर्टम कराया। मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब ग्रामीणों ने मौतों के पीछे सुनियोजित साजिश और जहरीली शराब की आशंका जताई।
दो दिन की पूछताछ के बाद आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने शनिवार को आरोपी रामसहाय जायसवाल को पूछताछ के लिए बुलाया था। लगातार दो दिनों तक चली गहन पूछताछ के दौरान पुलिस को कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलीं। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी लोगों के साथ हुई छोटी-छोटी कहासुनी या मजाक को गंभीरता से लेता था और लंबे समय तक मन में रंजिश रखता था। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या सभी मौतों के पीछे एक ही साजिश थी या इसके अन्य पहलू भी हैं।
घर, दुकान और घटनास्थल से जब्त किया गया संदिग्ध पदार्थ
गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी को उसके घर, दुकान और घटनास्थल पर लेकर पहुंची। इस दौरान जांच टीम ने शराब में मिलाए जाने वाले संदिग्ध जहरीले पदार्थ को जब्त किया। पुलिस अब जब्त सामग्री की फोरेंसिक जांच करवा रही है ताकि मौतों के वास्तविक कारणों का वैज्ञानिक आधार पर पता लगाया जा सके।
जैसे ही आरोपी गांव पहुंचा, ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए और आरोपी को देखकर आक्रोश व्यक्त करने लगे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा।
तीन महीने में आठ लोगों की हुई मौत
जानकारी के अनुसार, खर्वे गांव में संदिग्ध मौतों का सिलसिला 6 फरवरी 2026 को बद्री पटेल की मौत से शुरू हुआ था। इसके बाद 20 फरवरी को बुढालू साहू, 12 मार्च को बुधराम जायसवाल, 20 मार्च को छत्तूराम साहू और 31 मार्च को विनोद साहू की मौत हुई।
मामला यहीं नहीं रुका। 28 अप्रैल को गजानंद मांझी, 29 अप्रैल को चैतूराम साहू और 14 मई को महेतरू साहू की मौत हो गई। एक ही गांव में लगातार आठ मौतों ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया था।
ग्रामीणों की मांग पर कब्र से निकाले गए शव
लगातार हो रही मौतों के बाद ग्रामीण बड़ी संख्या में कसडोल थाने पहुंचे और निष्पक्ष जांच की मांग की। इसके बाद प्रशासन ने सात शवों को कब्र से निकलवाकर पोस्टमॉर्टम कराया। जांच पूरी होने के बाद शवों को पुनः दफनाया गया।
गांव में रहस्यमयी मौतों के कारण भय और अनिश्चितता का माहौल बन गया था। स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से शांति पूजा भी कराई थी।
’21 लोगों की बलि’ की चर्चा, पुलिस कर रही जांच
मृतकों के परिजनों ने आरोप लगाया है कि जिन लोगों की मौत हुई, उन्हें अलग-अलग समय पर आरोपी द्वारा शराब उपलब्ध कराई गई थी। शराब सेवन के बाद उनकी तबीयत बिगड़ी और बाद में मौत हो गई।
ग्रामीणों के बीच यह चर्चा भी फैल गई थी कि कथित रूप से गड़े धन की तलाश के लिए 21 लोगों की बलि देने की योजना बनाई गई थी। हालांकि पुलिस ने इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। जांच एजेंसियां सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं और संभावित कड़ियों का खुलासा प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से किया जाएगा।





