सीजी भास्कर 2 मई I छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में ICICI बैंक की मंगला शाखा में 1.38 करोड़ रुपए की बड़ी धोखाधड़ी सामने आई है। बैंक की डिप्टी ब्रांच मैनेजर ने अपने पति और अन्य साथियों के साथ मिलकर ग्राहकों की एफडी और गोल्ड लोन से जुड़ा सोना हड़प लिया और फरार हो गई। (Bank trust damaged)
मामले के उजागर होने के बाद बैंक प्रबंधन ने संबंधित अधिकारी को बर्खास्त कर दिया है, वहीं पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ऑडिट में सामने आई गड़बड़ी : Bank trust damaged
मामले का खुलासा तब हुआ जब शाखा के वर्तमान ब्रांच मैनेजर अरूप पाल ने बैंक ऑडिट के दौरान वित्तीय दस्तावेजों में गड़बड़ी पाई। जांच में सामने आया कि लेन-देन रिपोर्ट का अंतिम पन्ना गायब था, जिसे डिप्टी ब्रांच मैनेजर तनीषा अग्रवाल द्वारा जानबूझकर हटाया गया था।
गोल्ड लोन में बड़ा खेल
गहन जांच में पता चला कि गोल्ड लोन के चार पाउच में असली गहनों की जगह नकली ज्वेलरी रखी गई थी। इससे स्पष्ट हुआ कि असली सोना गायब कर दिया गया है और उसकी जगह नकली गहने रखकर धोखाधड़ी की गई।
फर्जी ट्रांजेक्शन और एफडी से निकासी
जांच में यह भी सामने आया कि ग्राहकों के फर्जी हस्ताक्षर कर करीब 87.95 लाख रुपए के 14 अवैध ट्रांजेक्शन किए गए। इसके अलावा एक महिला ग्राहक की एफडी पर ओवरड्राफ्ट कर उसकी 30 लाख की जमा राशि में से 28.29 लाख रुपए बिना अनुमति निकाल लिए गए।
रिकॉर्ड से गायब दस्तावेज : Bank trust damaged
कई ग्राहकों के फिक्स्ड डिपॉजिट और निवेश से जुड़े दस्तावेज भी बैंक रिकॉर्ड से गायब पाए गए। जांच के अनुसार, अगस्त 2024 से सितंबर 2025 के बीच कुल 1.38 करोड़ रुपए की हेराफेरी की गई।
पुलिस जांच शुरू
मामले में सिविल लाइन थाना प्रभारी एसआर साहू ने ब्रांच मैनेजर की शिकायत पर डिप्टी ब्रांच मैनेजर, उसके पति और अन्य आरोपियों के खिलाफ गबन और धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
पति के साथ मिलकर रची साजिश
बताया जा रहा है कि आरोपी महिला अधिकारी अपने पति के साथ मिलकर इस पूरे घोटाले को अंजाम दे रही थी। वह ग्राहकों के घर जाकर बैंकिंग सेवा देने के बहाने उनके मोबाइल ऐप का एक्सेस लेती थी और उसी के जरिए धोखाधड़ी करती थी। घटना के बाद से ही आरोपी महिला और उसका पति फरार बताए जा रहे हैं। (Bank trust damaged)


