सीजी भास्कर, 2 जुलाई। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने BAT-BMS App को लेकर नई बहस छेड़ दी है। वीडियो में कुछ लोग कथित तौर पर मोबाइल ऐप के जरिए चलते हुए ई-रिक्शा को रोकते नजर आ रहे हैं। इस घटना के बाद ई-रिक्शा चालकों की सुरक्षा, साइबर दुरुपयोग और स्मार्ट बैटरी तकनीक को लेकर सवाल उठने लगे हैं। कई लोगों ने इस तरह की हरकत को गंभीर बताते हुए संबंधित एजेंसियों से जांच और कार्रवाई की मांग की है।
क्या है BAT-BMS App और कैसे करता है काम?
BAT-BMS App एक मोबाइल एप्लिकेशन है, जिसे ब्लूटूथ आधारित लिथियम बैटरियों की निगरानी के लिए विकसित किया गया है। यह बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) से कनेक्ट होकर बैटरी का चार्ज लेवल, वोल्टेज, तापमान और अन्य तकनीकी जानकारी मोबाइल पर दिखाता है। सामान्य तौर पर इसका उपयोग बैटरी की निगरानी और रखरखाव के लिए किया जाता है।
ब्लूटूथ के जरिए कैसे रुक सकती है ई-रिक्शा?
तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, कई कम कीमत वाले लिथियम बैटरी पैक में ऐसा BAT-BMS App समर्थित ब्लूटूथ सिस्टम लगाया जाता है, जिसमें पर्याप्त सुरक्षा या पासवर्ड प्रोटेक्शन नहीं होता। यदि कोई अनधिकृत व्यक्ति ब्लूटूथ के माध्यम से बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम से कनेक्ट हो जाए और डिस्चार्ज फंक्शन बंद कर दे, तो मोटर तक बिजली की आपूर्ति रुक सकती है। इससे ई-रिक्शा अचानक बंद हो सकता है। हालांकि यह पूरी तरह बैटरी के मॉडल और उसकी सुरक्षा व्यवस्था पर निर्भर करता है।
वायरल वीडियो के बाद बढ़ी चिंता
BAT-BMS App से जुड़े वायरल वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने चिंता जताई है कि यदि इस तरह की तकनीक का दुरुपयोग हुआ तो सड़क पर चल रहे वाहनों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। कई लोगों का कहना है कि बीच सड़क में ई-रिक्शा रोकना दुर्घटना का कारण बन सकता है और इससे चालक की रोजी-रोटी पर भी असर पड़ सकता है।
सुरक्षा मानकों और निगरानी की उठी मांग
वीडियो सामने आने के बाद कई यूजर्स ने BAT-BMS App जैसे ऐप्स के लिए कड़े सुरक्षा मानक लागू करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि ब्लूटूथ आधारित बैटरी सिस्टम में मजबूत पासवर्ड, एन्क्रिप्शन और ऑथेंटिकेशन जैसी सुविधाएं अनिवार्य की जानी चाहिए, ताकि कोई अनधिकृत व्यक्ति वाहन के सिस्टम तक पहुंच न बना सके।
तकनीकी विशेषज्ञों की सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि ई-रिक्शा और अन्य इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माताओं को ऐसे बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम का उपयोग करना चाहिए, जिनमें सुरक्षित लॉगिन, मजबूत सुरक्षा प्रोटोकॉल और नियमित सॉफ्टवेयर अपडेट की सुविधा हो। इससे BAT-BMS App जैसी तकनीक का दुरुपयोग रोका जा सकता है और वाहन चालकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।



