बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने वैश्विक व्यापार में बढ़ते संरक्षणवाद और मनमाने टैरिफ को लेकर परोक्ष रूप से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर निशाना साधा। मुंबई में भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते से जुड़े एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि कुछ देश सोमवार को फैसला लेते हैं, बुधवार को उसे रद्द कर देते हैं और शनिवार को फिर लागू कर देते हैं। उन्होंने नियम आधारित खुले व्यापार और मजबूत आर्थिक साझेदारी की जरूरत पर जोर दिया।
मनमाने टैरिफ पर साधा निशाना
बार्ट डी वेवर ने कहा कि दुनिया में कई देश बाजारों को बंद करने और शुल्क लगाने की नीति को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने बिना किसी देश का नाम लिए कहा कि कुछ लोग आर्थिक तर्क के बिना मनमाने तरीके से फैसले लेते हैं और व्यापारिक माहौल में अस्थिरता पैदा करते हैं। उनके इस बयान को अमेरिकी टैरिफ नीतियों पर टिप्पणी के तौर पर देखा गया।
डी वेवर ने कहा कि वह किसी का नाम नहीं लेंगे, लेकिन मौजूद लोगों को पता है कि वह किन लोगों की बात कर रहे हैं। उनके बयान के दौरान कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने तालियां बजाईं।
मोदी की जमकर तारीफ
बेल्जियम के प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी प्रशंसा की। उन्होंने मोदी को दुनिया के सबसे प्रेरणादायक नेताओं में से एक बताया। डी वेवर ने कहा कि मौजूदा दौर में दुनिया काफी अनिश्चितता और तनाव से गुजर रही है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी को सुनने पर भरोसा और स्थिरता का भाव पैदा होता है।
उन्होंने मोदी को बुद्धिमान नेता बताते हुए कहा कि उनसे मिलना उनके लिए सम्मान की बात है। भारत दौरे के दौरान डी वेवर ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात भी की थी।
भारत-यूरोप व्यापार को लेकर बड़ी उम्मीद
डी वेवर ने भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते को बेहद महत्वपूर्ण बताया। उनके मुताबिक, यह समझौता करीब दो अरब उपभोक्ताओं वाले बाजार को जोड़ता है और वैश्विक अर्थव्यवस्था के बड़े हिस्से पर इसका प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने इसे भारत और यूरोप के बीच आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने वाला अहम कदम बताया।
भारत और बेल्जियम ने अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग बढ़ाने के लिए लेटर ऑफ इंटेंट पर भी हस्ताक्षर किए गए हैं। इसके अलावा रक्षा उद्योग से जुड़े संगठनों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए समझौता ज्ञापन हुआ है। दोनों देश रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, तकनीक, व्यापार और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाने पर भी काम कर रहे हैं।




