सीजी भास्कर 16 दिसम्बर Bilaspur GST Raid: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में स्टेट GST की कार्रवाई ने कोयला कारोबारियों में हलचल मचा दी है। हिंद कोल ग्रुप से जुड़े गतौरा, बलौदा और हिंडाडीह स्थित कोल वाशरी समेत कई ठिकानों पर एक साथ सर्च ऑपरेशन चलाया गया। कार्रवाई के दौरान कंपनी के दफ्तरों और दस्तावेजों की गहन जांच की गई।
- एक साथ कई लोकेशन पर दबिश, रिकॉर्ड खंगाले गए
- कोल मिक्सिंग और टैक्स गड़बड़ी की आशंका गहराई
- इंद्रमनी ग्रुप पर भी कार्रवाई, दायरा हुआ बड़ा
- रायपुर टीम की सीधी एंट्री, लंबे समय से चल रही थी निगरानी
- पहले भी हुई थी बड़ी कार्रवाई, करोड़ों का सरेंडर
- अफसरों की चुप्पी, लेकिन जांच जारी
- कोयला कारोबार पर बढ़ती सख्ती, आगे क्या?
एक साथ कई लोकेशन पर दबिश, रिकॉर्ड खंगाले गए
GST की टीम ने सुबह से देर रात तक कोल वाशरी, ऑफिस और अन्य व्यावसायिक परिसरों में दस्तावेजों की जांच की। जांच का फोकस लेन-देन, इनकम रिकॉर्ड और टैक्स भुगतान से जुड़े कागजात रहे। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई पहले से चल रही निगरानी का नतीजा है।
कोल मिक्सिंग और टैक्स गड़बड़ी की आशंका गहराई
प्रारंभिक जांच में कोयले की क्वालिटी से जुड़ी अनियमितता और कोल मिक्सिंग की आशंका सामने आई है। अफसरों को संदेह है कि टैक्स बचाने के लिए अलग-अलग ग्रेड के कोयले को मिलाकर कारोबार किया जा रहा था। इसे लेकर Coal Mixing Investigation पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
इंद्रमनी ग्रुप पर भी कार्रवाई, दायरा हुआ बड़ा
हिंद कोल ग्रुप के साथ-साथ इंद्रमनी ग्रुप से जुड़े ठिकानों पर भी कार्रवाई की गई। समूह के डायरेक्टर से जुड़े कम से कम पांच स्थानों पर GST टीम ने दस्तावेजों की जांच की। इससे साफ है कि जांच सिर्फ एक कंपनी तक सीमित नहीं है।
रायपुर टीम की सीधी एंट्री, लंबे समय से चल रही थी निगरानी
जानकारी के अनुसार, बड़े कोल कारोबारियों पर काफी समय से GST Surveillance के तहत नजर रखी जा रही थी। कारोबार की तुलना में कम टैक्स भुगतान सामने आने के बाद रायपुर से विशेष टीम को सीधे मैदान में उतारा गया।
पहले भी हुई थी बड़ी कार्रवाई, करोड़ों का सरेंडर
कुछ दिन पहले ही तीन बड़े कोल कारोबारियों के ठिकानों पर छापेमारी के बाद 27.50 करोड़ रुपये का टैक्स सरेंडर किया गया था। यह संकेत है कि GST विभाग अब कोयला सेक्टर में सख्त रुख अपनाए हुए है।
अफसरों की चुप्पी, लेकिन जांच जारी
रेड के दौरान GST अधिकारियों ने मीडिया से दूरी बनाए रखी। हालांकि सूत्रों का कहना है कि रिकॉर्ड में कई तकनीकी खामियां और टैक्स से जुड़ी गड़बड़ियां सामने आई हैं। आने वाले दिनों में कार्रवाई और तेज हो सकती है।
कोयला कारोबार पर बढ़ती सख्ती, आगे क्या?
GST की यह कार्रवाई बताती है कि राज्य में कोयला व्यापार अब पहले की तरह ढीली निगरानी में नहीं रहेगा। टैक्स चोरी, कोल मिक्सिंग और फर्जी इनवॉइसिंग जैसे मामलों पर आने वाले समय में और सख्त कदम उठाए जा सकते हैं—जो Chhattisgarh Coal Business को सीधे प्रभावित करेगा।



