सीजी भास्कर 25 जून। बिलासपुर में 28 जून को सराफा महासम्मेलन का आयोजन किया गया है। रामदेव लॉन में होने वाले इस प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम में वैश्विक परिस्थितियों के कारण सराफा कारोबार पर मंडराते संकट और चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इसमें सोने-चांदी के कारोबार के भविष्य, जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क और स्वर्णकला बोर्ड के गठन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। (Bilaspur Sarafa Mahasammelan 2026)
छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष कमल सोनी ने बताया कि इस महासम्मेलन में प्रदेश भर के सराफा कारोबारी शामिल होंगे। कार्यक्रम में सराफा कारोबार से संबंधित नियमों में बदलाव, सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों पर गंभीर चर्चा की जाएगी।
2000 से अधिक सराफा कारोबारी और कारीगर होंगे शामिल : Bilaspur Sarafa Mahasammelan 2026
इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा, राज्य के वित्त मंत्री ओपी चौधरी, बिहार के सराफा कारोबारी राजेश वर्मा, छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष सतीश थावरानी और जिले के पांचों विधायक सहित 2000 से अधिक सराफा कारोबारी और कारीगरों को आमंत्रित किया गया है।
सोनी ने कहा कि महासम्मेलन (Bilaspur Sarafa Mahasammelan 2026) में सराफा उद्योग को नई दिशा देने पर अहम चर्चा होगी और महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे। साथ ही, व्यापार से जुड़े मुद्दों को शासन तक पहुंचाने के लिए एक प्रभावी रणनीति भी तैयार की जाएगी।
सराफा एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी ने बताया कि पिछले दो वर्षों से वैश्विक उथल-पुथल के कारण छत्तीसगढ़ के सराफा व्यापारी परेशान हैं और कारीगरों के समक्ष रोजगार का संकट है। उन्होंने इस स्थिति से निपटने और सराफा कारोबारियों व कारीगरों के उत्थान के लिए मध्यप्रदेश और राजस्थान की तर्ज पर एक कल्याण बोर्ड के गठन की आवश्यकता पर जोर दिया।



