सीजी भास्कर, 09 जून। बिलासपुर में सरकार के सुशासन तिहार कार्यक्रम में शनिवार को उस समय विवाद की स्थिति बन गई, जब ब्लॉक कांग्रेस कमेटी तिफरा-सिरगिट्टी के अध्यक्ष लक्ष्मीनाथ साहू क्षेत्र की समस्याओं और शिकायतों से संबंधित ज्ञापन लेकर कार्यक्रम स्थल पहुंचे। (Bilaspur Sushasan Tihar Controversy)
कार्यक्रम के दौरान शिकायतों और स्थानीय मुद्दों को लेकर बहस हुई, जिसके बाद पुलिस ने कांग्रेस नेताओं और उनके समर्थकों को परिसर से बाहर कर दिया। आरोप है कि कार्यक्रम स्थल से बाहर निकालते समय उनके साथ धक्का-मुक्की की गई। इस दौरान लक्ष्मीनाथ साहू गिर पड़े।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार लक्ष्मीनाथ साहू ने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था, कथित अवैध गतिविधियों, जुआ-सट्टा समेत अन्य जनसमस्याओं से जुड़े मुद्दों को उठाने का प्रयास किया। इसी दौरान कुछ स्थानीय नेताओं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जिससे कार्यक्रम का माहौल तनावपूर्ण हो गया।
बताया जा रहा है कि विधायक धरमलाल कौशिक के कार्यक्रम स्थल पहुंचने से पहले ही शिकायतों को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो चुका था। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि उनके उठाए जा रहे मुद्दों को दबाने की कोशिश की गई और उन्हें अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया गया।
राजस्व मामलों की शिकायत लेकर पहुंचे ग्रामीण निराश लौटे : Bilaspur Sushasan Tihar Controversy
सुशासन तिहार में बड़ी संख्या में ग्रामीण भूमि, सीमांकन, नामांतरण समेत अन्य राजस्व संबंधी समस्याओं को लेकर पहुंचे थे। हालांकि मौके पर एसडीएम, तहसीलदार, पटवारी समेत संबंधित अधिकारियों की अनुपस्थिति से लोगों में नाराजगी देखने को मिली। कई ग्रामीण अपनी शिकायतों का निराकरण नहीं होने से मायूस होकर लौट गए।
धक्का-मुक्की का आरोप, पुलिस ने किया बाहर
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें कार्यक्रम स्थल से बाहर निकालते समय धक्का-मुक्की की, जिससे लक्ष्मीनाथ साहू गिर पड़े। उन्होंने दोबारा अपनी बात रखने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें और उनके समर्थकों को परिसर से बाहर कर दिया।
कार्यक्रम (Bilaspur Sushasan Tihar Controversy) में कांग्रेस के महेश ठाकुर, अजय मनहरे, पुष्पेंद्र साहू, पवन साहू, संजीव पाल, वेद रात्रे, रामू राव, सचिन भवानी, अक्षय नवरंग, बंटी सोनी, नागेश ध्रुव और लक्ष्मण ध्रुव समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।



