सीजी भास्कर, 04 अगस्त : दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के विरोध में हुए छात्र प्रदर्शन से जुड़ा एक वीडियो अब सियासी (BJP Post Controversy) विवाद का कारण बन गया है। प्रदर्शन के दौरान डांस करती नजर आईं कंटेंट क्रिएटर उर्वशी पलांडुरकर की तस्वीर का इस्तेमाल छत्तीसगढ़ भाजपा की एक सोशल मीडिया पोस्ट में किए जाने के बाद विवाद तेज हो गया है। पोस्ट वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई और कई विपक्षी नेताओं ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी।
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बिना अनुमति फोटो इस्तेमाल करने का आरोप
भाजपा की पोस्ट में एक ओर उर्वशी पलांडुरकर की तस्वीर के साथ “बाबर की विरासत पर ठुमके लगाने वाले Gen-Z” लिखा गया था, जबकि दूसरी ओर राष्ट्रपति से सम्मानित एक छात्रा की तस्वीर के साथ “छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाने वाले Gen-Z” लिखा गया। पोस्ट में लोगों से पूछा गया था कि वे किस तरह के Gen-Z को चुनेंगे।
पोस्ट वायरल होने के बाद उर्वशी पलांडुरकर ने वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि उनकी तस्वीर और वीडियो का इस्तेमाल बिना अनुमति राजनीतिक पोस्ट में किया गया। उन्होंने कहा कि इसके बाद उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग और आपत्तिजनक संदेशों का सामना करना पड़ा।
उर्वशी ने यह भी कहा कि किसी व्यक्ति का आकलन केवल एक वीडियो क्लिप के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि उन्होंने 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में 93 प्रतिशत अंक हासिल किए थे और पढ़ाई के साथ डांस, योग तथा कंटेंट क्रिएशन जैसी गतिविधियों में भी सक्रिय रही हैं।
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विपक्ष भी कूदा, बढ़ा सियासी विवाद
उर्वशी की प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद कई विपक्षी नेताओं ने भाजपा की पोस्ट पर सवाल उठाए। शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव, कांग्रेस नेता बीवी श्रीनिवास और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल समेत कई नेताओं ने इस मुद्दे पर भाजपा की आलोचना की। फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। तस्वीरों के उपयोग, राजनीतिक संदेशों और सोशल मीडिया की जिम्मेदारी को लेकर बहस लगातार जारी है।
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