सीजी भास्कर, 24 जून। तहसील कार्यालय से जुड़ा एक मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना (Bribery Video) हुआ है। सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर प्रशासन पहले से ही सतर्क नजर आ रहा है, ऐसे में सामने आए एक वीडियो ने अधिकारियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। शिकायत मिलने के बाद मामले की गंभीरता से जांच कराई गई।
जैसे ही प्रारंभिक तथ्य सामने आए, प्रशासनिक स्तर पर हलचल बढ़ गई। जांच रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जिला प्रशासन ने त्वरित निर्णय लेते हुए संबंधित कर्मचारी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई कर दी।
नकल जारी करने के बदले रकम मांगने का आरोप Bribery Video
जानकारी के मुताबिक तहसील कार्यालय कटघोरा में पदस्थ सहायक ग्रेड 02 मंजू कृष्णा धिरही के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी। आरोप था कि एक आवेदक से दस्तावेज की नकल जारी करने के बदले अवैध राशि की मांग की गई। शिकायतकर्ता किशन कुमार की ओर से इस संबंध में एक वीडियो रिकॉर्डिंग भी प्रस्तुत की गई थी। इसी वीडियो को जांच का महत्वपूर्ण आधार बनाया गया।
जांच के बाद बढ़ी कार्रवाई
मामले की जांच अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं दंडाधिकारी कटघोरा के स्तर पर की गई। शिकायत और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल के बाद पूरे प्रकरण की रिपोर्ट तैयार की गई। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की गई।
कलेक्टर ने जारी किया निलंबन आदेश
अनुशंसा प्राप्त होने के बाद कलेक्टर कुणाल दुदावत ने सहायक ग्रेड 02 मंजू कृष्णा धिरही को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश (Bribery Video) जारी किया। प्रशासन का कहना है कि शासकीय कार्यों में किसी भी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्ट आचरण को गंभीरता से लिया जाएगा और ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
निलंबन के दौरान यह रहेगा मुख्यालय
जारी आदेश के अनुसार निलंबन अवधि में मंजू कृष्णा धिरही का मुख्यालय तहसील कार्यालय पोंड़ी उपरोड़ा निर्धारित (Bribery Video) किया गया है। जिला प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि शासकीय सेवाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए निगरानी लगातार जारी रहेगी और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।





