सीजी भास्कर, 18 जुलाई : छत्तीसगढ़ की पंचायत व्यवस्था, वित्तीय प्रबंधन और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG Report) की ताजा रिपोर्ट में कई गंभीर खामियां सामने आई हैं। रिपोर्ट में प्रशासनिक ढांचे की कमजोरी, वित्तीय संसाधनों के वितरण में कमी और योजनाओं के प्रभावी संचालन पर सवाल उठाए गए हैं।
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रिपोर्ट के मुताबिक, छत्तीसगढ़ के पंचायतों में बड़ी संख्या में पद रिक्त होने और वित्तीय संसाधनों की कमी के कारण स्थानीय स्तर पर विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। साथ ही लेखा-जोखा और योजना समीक्षा की प्रक्रिया में भी अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है।
छत्तीसगढ़ की पंचायत व्यवस्था पर जारी CAG Report में बताया गया है कि प्रदेश की पंचायतों में स्वीकृत पदों में से करीब 61 प्रतिशत पद खाली हैं। पर्याप्त अधिकारियों और कर्मचारियों की कमी के कारण पंचायतों के नियमित प्रशासनिक कार्यों और विकास योजनाओं के संचालन पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
वित्तीय प्रबंधन पर भी उठे सवाल
रिपोर्ट में कहा गया है कि स्थानीय निकायों को मिलने वाली राशि में करीब ₹3,243 करोड़ की कमी दर्ज की गई। इससे पंचायतों और स्थानीय निकायों की विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन पर असर पड़ा और कई योजनाओं की गति प्रभावित हुई।
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ई-ग्राम स्वराज के बावजूद मैनुअल रिकॉर्ड
CAG Report के अनुसार, ई-ग्राम स्वराज पोर्टल लागू होने के बावजूद कई पंचायतों में अब भी मैनुअल तरीके से लेखा-जोखा रखा जा रहा है। इससे डिजिटल पारदर्शिता और वित्तीय निगरानी की व्यवस्था पूरी तरह प्रभावी नहीं हो सकी है।
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जिला योजना समितियों की बैठकें नहीं हुईं
रिपोर्ट में वर्ष 2018 से 2023 के बीच कई जिला योजना समितियों की नियमित बैठकें नहीं होने का भी उल्लेख किया गया है। जबकि नियमानुसार इन समितियों की समय-समय पर बैठकें आयोजित कर स्थानीय विकास योजनाओं की समीक्षा और नई योजनाओं पर निर्णय लिया जाना आवश्यक है।
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सुधारात्मक कदमों की उम्मीद
CAG Report में सामने आई टिप्पणियों के बाद पंचायत व्यवस्था, वित्तीय पारदर्शिता और विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सुधारात्मक कदम उठाने की आवश्यकता बताई गई है। रिपोर्ट ने स्थानीय निकायों की कार्यप्रणाली को अधिक जवाबदेह और व्यवस्थित बनाने की जरूरत पर भी जोर दिया है।



