सीजी भास्कर, 30 अप्रैल। स्वामी आत्मानंद विद्यालयों में कार्यरत संविदा शिक्षक अपनी मांगों को लेकर लगातार आवाज उठा रहे हैं। इसी उद्देश्य को लेकर मोहला के आत्मानंद विद्यालय से जय स्तम्भ चौक तक कैडल मार्च निकाल गया । (Candle march of contract teachers of Atmanand)
शिक्षकों का कहना है कि लंबे समय से सेवा देने के बावजूद उन्हें अब तक नियमितिकरण, वेतनमान वृद्धि और अन्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाया है, जिससे वे खुद को उपेक्षित और ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
प्रदेश अध्यक्ष का शासन-प्रशासन के प्रति नाराजगी : Candle march of contract teachers of Atmanand
प्रदेश अध्यक्ष विकास तिवारी ने हाल ही में दिवंगत शिक्षकों को मोहला के जय स्तम्भ चौक मे श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शासन-प्रशासन के प्रति नाराजगी की। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज का जाहिर आधार होते हैं, जो अपने सपनों को त्यागकर बच्चों का भविष्य संवारने में लगे रहते हैं, लेकिन आज वही शिक्षक अपनी मूलभूत मांगों के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
5-6 वर्षों से हजारों शिक्षकों का एक ही मानदेय पर कार्य
जानकारी के अनुसार, स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी एवं हिंदी माध्यम विद्यालयों की शुरुआत 1 नवंबर 2020 को की गई थी। इन विद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती लिखित परीक्षा, मेरिट सूची, इंटरव्यू और डेमो टीचिंग जैसी कठिन प्रक्रिया से होकर की गई थी। बावजूद इसके, बीते 5-6 वर्षों से हजारों शिक्षक एक ही मानदेय पर कार्य कर रहे हैं।
वर्तमान में इन विद्यालयों में 16 हजार से अधिक कर्मचारी और लाखों छात्र-छात्राएं जुड़े हुए हैं। इस अवसर पर जिला संभाग अध्यक्ष लोकेश देवांगन कार्यकारणी सदस्य, मुकेश कुमार, अमित सोनी, आशीष चौधरी, प्रीति हिरवानी, रेणुका पटेल, गीतांजलि भार्गव, आशीष नहदेवे, पीयूष पांडे एवम अन्य शिक्षक साथी सहभागी रहें। (Candle march of contract teachers of Atmanand)


