सीजी भास्कर, 22 सितंबर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) भर्ती परीक्षा 2021 में हुए घोटाले की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। सामने आया है कि वर्ष 2020 की राज्य सेवा परीक्षा में भी प्रश्नपत्र लीक हुआ था। तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी को परीक्षा से पहले ही पेपर मिल गया था। उनकी बहुएं निशा कोसले (डिप्टी कलेक्टर) और दीपा आदिल (आबकारी अधिकारी) इस पेपर लीक (CGPSC Paper Leak Scam) की सीधी लाभार्थी रहीं। टामन ने निचले अधिकारियों पर दबाव बनाकर यह साजिश रची और अपने प्रभाव से पूरा खेल संचालित किया।
सीबीआई ने 2020 से 2022 तक के पेपर लीक मामले की पुष्टि की है। जांच में पूर्व सचिव जीवन किशोर ध्रुव, पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया। कोर्ट ने सभी आरोपितों को 22 सितंबर तक सीबीआई की रिमांड पर भेजा है। जल्द ही आरती वासनिक के निलंबन की कार्रवाई होने की संभावना है। यह कार्रवाई आयोग के भीतर फैले भ्रष्टाचार (CGPSC Paper Leak Scam) का बड़ा सबूत मानी जा रही है।
जांच से यह भी सामने आया है कि वर्ष 2020 की प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र चेयरमैन सोनवानी के पास पहुंच गए थे। उन्होंने इन्हें अपने रिश्तेदारों और करीबियों तक पहुंचाया। वर्ष 2021 की परीक्षा में सचिव जीवन किशोर ध्रुव का बेटा सुमीत ध्रुव डिप्टी कलेक्टर बना। वहीं सोनवानी ने अपने बेटे नितेश, बहू निशा कोसले, भतीजे साहिल सोनवानी, भाभी दीपा आदिल और अन्य को विभिन्न पदों पर चयनित करवाया। सीबीआई की जांच (CGPSC Paper Leak Scam) में तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक को मुख्य रूप से जिम्मेदार पाया गया।
नियम बदलवाकर चयन बोर्ड में रहे टामन
सीबीआई ने कोर्ट में चार्जशीट पेश करते हुए बताया कि 14 जुलाई 2021 को एक बैठक में सोनवानी ने परीक्षा दिशा-निर्देशों में बदलाव करवाया। उन्होंने ‘रिश्तेदार’ शब्द को ‘परिवार’ से बदल दिया और ‘भतीजे’ को परिभाषा से बाहर कर दिया। इसका सीधा फायदा उनके भतीजों को मिला। नियमों के अनुसार यदि किसी अध्यक्ष या सदस्य का करीबी रिश्तेदार परीक्षा में शामिल होता है, तो उन्हें चयन प्रक्रिया से स्वयं को अलग करना पड़ता है। लेकिन नियम बदलवाकर सोनवानी चयन बोर्ड (CGPSC Paper Leak Scam) में जमे रहे और साजिश को अंजाम देते रहे।
आरती और ध्रुव को फिर हो सकती है रिमांड
सीजीपीएससी घोटाले में सीबीआई की रिमांड पर चल रहे पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक, पूर्व सचिव व सेवानिवृत्त आईएएस जीवन किशोर ध्रुव, उनके बेटे सुमीत ध्रुव, निशा कोसले और दीपा आदिल को सोमवार को विशेष कोर्ट में पेश किया जाएगा। एजेंसी के मुताबिक रिमांड के दौरान आरोपितों ने पूछताछ में सहयोग नहीं किया। इसलिए संभावना है कि आरती और ध्रुव को दोबारा रिमांड (CGPSC Paper Leak Scam) पर लिया जा सकता है।



