सीजी भास्कर, 29 सितम्बर। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में आदिवासी महिला से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में करीब दो साल बाद अदालत ने फैसला सुनाया है। मामले में दो आरोपियों को आजीवन कारावास और चार आरोपियों को 20-20 साल के कारावास की सजा सुनाई गई है। सभी आरोपियों पर अर्थदंड भी लगाया गया है। मामले में दो नाबालिगों के खिलाफ कार्यवाही किशोर न्यायालय में चल रही है, जबकि एक आरोपी की सुनवाई के दौरान मौत हो गई। (Raigarh Gang Rape Case Verdict)
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मेला देखने जा रही महिला को रास्ते में रोका : Raigarh Gang Rape Case Verdict
घटना 19 अगस्त 2024 की बताई गई है। 27 वर्षीय महिला शाम करीब 6 बजे अकेले मेला देखने रायगढ़ जा रही थी। इसी दौरान केसाईपाली रोड के पास कृष्णा चौहान उर्फ राहुल चौहान अपने साथियों के साथ मौजूद था। महिला की पहले से कृष्णा से पहचान थी।
आरोपियों ने महिला को रोककर उसका हाथ पकड़ा और तालाब की ओर ले गए। विरोध करने पर उसे जान से मारने और शव फेंकने की धमकी दी गई।
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तालाब और खंडहर मकान में वारदात का आरोप
अभियोजन के अनुसार आरोपियों ने महिला को तालाब के किनारे पचरी घाट पर ले जाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। इसके बाद कृष्णा चौहान और उसका एक साथी महिला को खेत के रास्ते मंदिर के पास स्थित एक खंडहर मकान में ले गए, जहां दोबारा दुष्कर्म किए जाने का आरोप है।
वारदात (Raigarh Gang Rape Case Verdict) के बाद महिला को किसी को घटना बताने पर जान से मारने की धमकी दी गई। इसके बाद वह आरोपी के घर के पास पहुंची और वहां मौजूद महिलाओं को घटना के बारे में बताया।
सरपंच को फोन कर बताई घटना, अगले दिन दर्ज हुई शिकायत :
महिला ने बाद में गांव के सरपंच को फोन कर मदद मांगी। सरपंच मौके पर पहुंचा और उसे बाइक से गांव लेकर आया। रास्ते में महिला ने उसके साथ हुई घटना
(Raigarh Gang Rape Case Verdict) की जानकारी दी। डर के कारण उसने उसी दिन परिवार को कुछ नहीं बताया।
अगले दिन महिला ने अपनी मां को घटना की जानकारी दी। इसके बाद वह मां और सरपंच के साथ थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई।
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जांच के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी
शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। महिला और गवाहों के बयान दर्ज किए गए तथा घटनास्थल का निरीक्षण कर नक्शा तैयार किया गया। मामले में एससी-एसटी अधिनियम की धाराएं भी जोड़ी गईं। पुलिस ने आरोपियों और पीड़िता का डीएनए परीक्षण भी कराया और इसके बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया।
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दो को उम्रकैद, चार को 20 साल की सजा : Raigarh Gang Rape Case Verdict
अदालत ने सचीदानंद साहू उर्फ मुनु और उत्तम मिर्धा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वहीं कृष्णा चौहान, नरेंद्र सिदार, बबलू चौहान और राहुल खड़िया को 20-20 साल के कारावास की सजा दी गई।
मामले में दो नाबालिगों की कार्यवाही किशोर न्यायालय में चल रही है। वहीं एक आरोपी की मामले की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है।
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