सीजी भास्कर, 12 अगस्त। धमतरी के भोयना में अन्नपूर्णा ढाबा के पास हुए तिहरे हत्याकांड के मामले में करीब एक साल के भीतर अदालत का बड़ा फैसला (Triple Murder) आया है। 12 अगस्त 2026 को प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश धमतरी की अदालत ने मामले में शामिल पांचों वयस्क आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई। मामूली विवाद से शुरू हुआ झगड़ा तीन युवकों की हत्या तक पहुंच गया था।
फैसला सामने आने के बाद इस चर्चित मामले में पीड़ित परिवारों को न्याय मिलने की उम्मीद मजबूत हुई है। पुलिस की ओर से घटना के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी, हथियार की बरामदगी और साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई की गई थी। पुलिस के मुताबिक प्रभावी विवेचना और अभियोजन की पैरवी के चलते अदालत में आरोप साबित हो सके।

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मामूली विवाद के बाद हुआ था खूनी हमला Triple Murder
पुलिस के अनुसार 11 अगस्त 2025 की रात करीब 11:20 बजे ग्राम भोयना स्थित अन्नपूर्णा ढाबा के पास आरोपियों और मृतकों के बीच किसी मामूली बात को लेकर विवाद हुआ था। कहासुनी के बाद गाली गलौज और मारपीट शुरू हो गई।
इसी दौरान मुख्य आरोपी गोपी दीवान ने धारदार चाकू से आलोक सिंह ठाकुर, नितीन टांडी और सुरेश हियाल पर हमला कर दिया। चाकू के वार से तीनों गंभीर रूप से घायल हुए और उनकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही अर्जुनी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधीक्षक धमतरी के निर्देशन और वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में आरोपियों की तलाश शुरू की गई। पुलिस टीमों ने अलग अलग स्थानों पर दबिश देकर मामले में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार किया। घटना में इस्तेमाल धारदार चाकू भी बरामद किया गया।
आठ आरोपी पकड़े गए थे
इस मामले में पुलिस ने कुल आठ आरोपियों की पहचान की थी। इनमें पांच वयस्क आरोपी और तीन विधि से संघर्षरत बालक शामिल थे।
दोषसिद्ध किए गए पांच वयस्क आरोपियों में मुख्य आरोपी गोपी दीवान पिता प्यारी दीवान उम्र 20 वर्ष निवासी मथुराडीह थाना अर्जुनी, कुलेश्वर नेताम पिता चुरामन लाल नेताम उम्र 25 वर्ष निवासी कोर्रा थाना भखारा, रणवीर कुमार साहू पिता गोपाल साहू उम्र 20 वर्ष निवासी ईर्रा थाना भखारा, कमलेश ध्रुव पिता राजेन्द्र ध्रुव उम्र 19 वर्ष निवासी आमापारा धमतरी और गौतम दीवान पिता लक्ष्मण दीवान उम्र 22 वर्ष निवासी मथुराडीह थाना अर्जुनी शामिल हैं।
वहीं तीन विधि से संघर्षरत बालकों के संबंध में किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की गई।
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साक्ष्यों के आधार पर अदालत में साबित हुआ अपराध
अर्जुनी पुलिस ने जांच के दौरान घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। गवाहों के बयान दर्ज किए गए और घटना में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी समेत दूसरे जरूरी साक्ष्य सुरक्षित किए गए।
पुलिस ने वैज्ञानिक और विधिसम्मत तरीके से साक्ष्य जुटाकर प्रकरण को अदालत के सामने पेश किया। अभियोजन की प्रभावी पैरवी के बाद अदालत ने पांचों वयस्क आरोपियों को दोषी ठहराया और कठोर सजा सुनाई।
मुख्य आरोपी को भी उम्रकैद Triple Murder
अदालत ने मुख्य आरोपी गोपी दीवान को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 सहपठित धारा 190 के तहत दोषसिद्ध करते हुए आजीवन कारावास और 1 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। इसके अलावा अन्य धाराओं में भी अलग अलग कारावास और अर्थदंड लगाया गया है।
न्यायालय के आदेश के अनुसार निर्धारित सजाएं साथ साथ चलेंगी। अर्थदंड जमा नहीं करने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
उत्कृष्ट विवेचना के लिए पुलिस टीम होगी सम्मानित
धमतरी पुलिस के अनुसार इस गंभीर मामले की जांच में तत्कालीन थाना प्रभारी एवं विवेचना अधिकारी निरीक्षक चंद्रकांत साहू की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आरोपियों की गिरफ्तारी से लेकर साक्ष्यों के संकलन और मामले को अदालत तक मजबूती से पहुंचाने के लिए उनकी टीम ने काम किया।
पुलिस अधीक्षक धमतरी भावना पांडेय की ओर से निरीक्षक चंद्रकांत साहू और उनकी टीम को उत्कृष्ट विवेचना के लिए पुरस्कृत किया जाएगा। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि गंभीर अपराधों में त्वरित कार्रवाई के साथ मजबूत विवेचना और अदालत में दोषसिद्धि सुनिश्चित करना पुलिस की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि इस मामले में एक वर्ष के भीतर दोषियों को कठोर सजा मिलना पुलिस की प्रभावी विवेचना और अभियोजन की पैरवी का परिणाम है। धमतरी पुलिस ने गंभीर और जघन्य अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।
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रिपोर्टर : रिजवान मेमन




