सीजी भास्कर, 18 जून। रायपुर में लंबे समय से एक विशेष मामले को लेकर प्रशासनिक और कानूनी स्तर पर चर्चा चल (Chhattisgarh High Court) रही थी। अब इस मामले में आए ताजा आदेश के बाद संबंधित विभागों की गतिविधियां तेज हो गई हैं। शहर में भी इस फैसले को लेकर अलग अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और लोगों के बीच इसकी चर्चा बनी हुई है।
मामले से जुड़े सभी पक्षों की सहमति के बाद स्थिति पूरी तरह बदल गई है। अब नजर इस बात पर है कि आगे की प्रक्रिया कितनी तेजी से पूरी होती है। प्रशासनिक अधिकारियों ने भी संकेत दिए हैं कि आवश्यक औपचारिकताएं जल्द पूरी की जाएंगी।
उच्च न्यायालय ने दिया महत्वपूर्ण आदेश : Chhattisgarh High Court
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने उज्बेकिस्तान की दो महिला नागरिकों से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा कि सभी संबंधित पक्ष महिलाओं को उनके देश भेजने के पक्ष में हैं। ऐसे में याचिका में अब विचार के लिए कोई मुद्दा शेष नहीं रह गया है।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार, केंद्र सरकार और उज्बेकिस्तान दूतावास की ओर से अदालत को बताया गया कि दोनों महिलाओं को जल्द उनके देश भेजने पर सभी की सहमति है। दूतावास ने भी प्रक्रिया को शीघ्र पूरा कराने के लिए आवश्यक निर्देश देने का अनुरोध किया था।
जल्द शुरू होगी वापसी की प्रक्रिया
अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि दोनों महिलाओं को उनके देश भेजने की प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से शुरू की जाए। न्यायालय ने माना कि जब सभी पक्ष एकमत हैं तो डिपोर्टेशन की कार्रवाई में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
आदेश के बाद संबंधित विभागों ने भी आगे की कार्रवाई शुरू करने की तैयारी तेज कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि कानूनी औपचारिकताओं को पूरा कर जल्द प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
होटल में हुई थी गिरफ्तारी
जानकारी के अनुसार उज्बेकिस्तान की फेरूजा सबिरोवा और दिनोरा सफ्युतदिनोवा को मार्च 2026 में तेलीबांधा क्षेत्र के एक निजी होटल से पकड़ा गया था। जांच के दौरान पता चला था कि एक महिला वीजा की निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद भी देश में रह रही थी।
वहीं दूसरी महिला के पास वैध वीजा और पासपोर्ट नहीं (Chhattisgarh High Court) मिला था। इसके बाद तेलीबांधा पुलिस ने अप्रैल 2026 में दोनों को गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तारी के बाद से दोनों को डिटेंशन सेंटर में रखा गया था।
आदेश की प्रति मिलने के बाद बढ़े कदम
मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रविन्द्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ द्वारा दिए गए आदेश की प्रति मिलने के बाद पुलिस और संबंधित एजेंसियों ने आगे की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है। अधिकारियों के अनुसार सभी आवश्यक दस्तावेज और औपचारिकताएं पूरी कर महिलाओं को उनके देश भेजने की कार्रवाई जल्द पूरी की जाएगी।
रायपुर जेल में बंद हैं विदेशी नागरिक
बताया गया है कि वर्तमान समय में रायपुर जेल में दोनों उज्बेक महिलाओं सहित कुल 10 विदेशी नागरिक बंद हैं। इनमें विभिन्न मामलों में कार्रवाई के बाद न्यायिक प्रक्रिया के तहत हिरासत में रखे गए विदेशी नागरिक शामिल हैं।
दोनों महिलाओं के मामले में अब अदालत के आदेश के बाद उनके वतन लौटने का रास्ता साफ (Chhattisgarh High Court) हो गया है और संबंधित विभागों की नजर डिपोर्टेशन प्रक्रिया को जल्द पूरा करने पर है।





