सीजी भास्कर, रायपुर, 24 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी (Chhattisgarh Paddy Procurement Rules) से पहले किसानों के लिए जरूरी खबर है। इस बार खरीदी केंद्रों पर धान बेचने के लिए किसान या उनके अधिकृत नॉमिनी का फिंगरप्रिंट से बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य होगा। केवल OTP के जरिए खरीदी की प्रक्रिया पूरी नहीं की जा सकेगी। इसके साथ ही टोकन में दर्ज धान की मात्रा को लेकर भी नियम तय किए गए हैं। अगर किसान निर्धारित मात्रा से कम धान बेचते हैं, तो बची हुई मात्रा निरस्त हो सकती है। इसलिए खरीदी केंद्र जाने से पहले टोकन और उपज की मात्रा की जांच करना जरूरी है।
फिंगरप्रिंट से होगा सत्यापन
नए निर्देशों के अनुसार, खरीदी केंद्र में धान बेचते समय किसान या उनके अधिकृत नामांकित व्यक्ति यानी नॉमिनी का फिंगरप्रिंट लेकर बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाएगा। धान खरीदी की नई व्यवस्था (Chhattisgarh Paddy Procurement Rules) के तहत केवल OTP के आधार पर खरीदी पूरी नहीं होगी। ऐसे में किसानों को समिति पहुंचने से पहले बायोमेट्रिक सत्यापन की व्यवस्था सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है। किसान अपने संबंधित खरीदी केंद्र या सहकारी समिति से इसकी जानकारी पहले ही ले लें, ताकि मौके पर परेशानी न हो।
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हर टोकन में समान मात्रा
यदि किसी किसान के पास अधिक मात्रा में धान है और उसके लिए एक से ज्यादा टोकन जारी किए जाते हैं, तो प्रत्येक टोकन में धान की मात्रा समान रखी जाएगी। उदाहरण के तौर पर, 120 क्विंटल धान के लिए दो टोकन जारी होने पर प्रत्येक टोकन में 60-60 क्विंटल दर्ज होगा। इसी तरह 300 क्विंटल धान के लिए तीन टोकन बनने पर हर टोकन में 100-100 क्विंटल की मात्रा तय होगी। इसलिए धान खरीदी टोकन नियम (Chhattisgarh Paddy Procurement Rules) के तहत किसानों को टोकन में दर्ज मात्रा की जानकारी पहले ही जांच लेनी चाहिए।
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कम धान बेचने पर नुकसान
टोकन में जितनी मात्रा दर्ज होगी, खरीदी उसी के अनुसार की जाएगी। उदाहरण के लिए, यदि किसी किसान के टोकन में 100 क्विंटल धान दर्ज है, लेकिन वह केवल 80 क्विंटल ही बेच पाता है, तो शेष 20 क्विंटल की मात्रा निरस्त हो जाएगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बची हुई मात्रा को अगले टोकन में जोड़ने का प्रावधान नहीं है। ऐसे में किसान को अपनी उपज का हिसाब लगाकर ही टोकन जारी कराना चाहिए। धान खरीदी में मात्रा का नियम (Chhattisgarh Paddy Procurement Rules) समझना इसलिए जरूरी है, ताकि स्वीकृत मात्रा का नुकसान न हो।
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केंद्र जाने से पहले तैयारी
धान बेचने के लिए खरीदी केंद्र जाने से पहले किसान इन बातों का ध्यान रखें:
- बायोमेट्रिक सत्यापन: किसान या अधिकृत नॉमिनी के फिंगरप्रिंट से सत्यापन की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
- टोकन की जांच: टोकन में दर्ज मात्रा और खरीदी की तारीख देख लें।
- मात्रा का हिसाब: एक से अधिक टोकन जारी होने पर हर टोकन में दर्ज मात्रा की जांच करें।
- उपज की उपलब्धता: टोकन में दर्ज मात्रा के अनुसार धान बेचने की तैयारी रखें।
- समिति से संपर्क: खरीदी केंद्र जाने से पहले संबंधित सहकारी समिति से नियमों की पुष्टि कर लें।
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