सीजी भास्कर, 20 जून। रायपुर में कांग्रेस के दस दिवसीय प्रशिक्षण शिविर की शुरुआत के साथ ही राजनीतिक माहौल गर्म (Congress Training) हो गया है। शिविर को लेकर जहां कांग्रेस संगठन अपने कार्यकर्ताओं और नेताओं को नई दिशा देने की बात कर रहा है, वहीं भाजपा ने इसकी उपयोगिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दोनों दलों के नेताओं के बीच बयानबाजी ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है।
प्रशिक्षण शिविर शुरू होने के पहले दिन ही आरोप और पलटवार का दौर तेज नजर आया। एक तरफ भाजपा ने कांग्रेस की अंदरूनी स्थिति को लेकर तंज कसा, तो दूसरी ओर कांग्रेस नेताओं ने सरकार और भाजपा संगठन पर तीखे सवाल उठाते हुए जवाब दिया। इससे प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर गर्माहट बढ़ गई है।
प्रशिक्षण शिविर पर आमने सामने आए दोनों दल : Congress Training
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर को लेकर कहा कि कांग्रेस के नेता आपस में ही संघर्ष कर रहे हैं और इस प्रशिक्षण से पार्टी को कोई विशेष लाभ नहीं मिलने वाला। उन्होंने दावा किया कि प्रशिक्षण शिविर के बाद भी कांग्रेस की अंदरूनी कलह समाप्त नहीं होगी।
इस बयान पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पलटवार करते हुए कहा कि यदि अरुण साव एक घंटे भी कांग्रेस का प्रशिक्षण शिविर अटेंड कर लें तो भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस का प्रशिक्षण कार्यकर्ताओं और नेताओं को वैचारिक रूप से मजबूत बनाने का माध्यम है।
सहयोग राशि के आरोप पर कांग्रेस का जवाब
भाजपा की ओर से यह आरोप लगाया गया कि जिलाध्यक्षों से सहयोग राशि लेकर प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस पर दीपक बैज ने कहा कि यदि किसी के पास ऐसे आरोपों का प्रमाण है तो उसे सार्वजनिक करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा केवल आरोप लगाने का काम करती है। प्रशिक्षण शिविर की पूरी निगरानी शीर्ष नेतृत्व द्वारा की जा रही है और इसका आयोजन गांधीवादी तथा सादगीपूर्ण तरीके से किया जा रहा है।
राहुल गांधी और पुरंदर मिश्रा को लेकर भी बयानबाजी
भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा द्वारा राहुल गांधी पर की गई टिप्पणी को लेकर भी कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया (Congress Training) दी। दीपक बैज ने कहा कि ऐसे बयान भाषा की मर्यादा के अनुरूप नहीं हैं और सार्वजनिक जीवन में शब्दों का चयन सोच समझकर किया जाना चाहिए।
दूसरी ओर राहुल गांधी के प्रस्तावित छत्तीसगढ़ दौरे पर अरुण साव ने तंज कसते हुए कहा कि उनके कार्यक्रमों से कांग्रेस को राजनीतिक लाभ नहीं मिला है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के भीतर आपसी खींचतान जारी है और प्रशिक्षण शिविर भी इस स्थिति को नहीं बदल पाएगा।
योग दिवस और सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान पर सरकार का पक्ष
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को लेकर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि प्रदेशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में लोग सामूहिक योग कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे और योग के महत्व को जन जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान पर उन्होंने कहा कि कई पात्र लोग जानकारी के अभाव में सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पाते। इस अभियान के माध्यम से विभिन्न योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
सुग्घर छत्तीसगढ़ को लेकर कांग्रेस का हमला
सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान पर प्रतिक्रिया देते हुए दीपक बैज ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था, रोजगार और किसानों की समस्याएं बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार को पहले इन मुद्दों पर ध्यान (Congress Training) देना चाहिए। बैज ने कहा कि जब तक किसानों को समय पर खाद, युवाओं को रोजगार और लोगों को बेहतर सुरक्षा नहीं मिलेगी, तब तक ऐसे अभियानों का उद्देश्य पूरा नहीं माना जा सकता।
मंत्रियों के प्रशिक्षण शिविर पर भी सियासत
4 और 5 जुलाई को आईआईएम में प्रस्तावित मंत्रियों के चिंतन एवं प्रशिक्षण शिविर को लेकर भी राजनीतिक बयान सामने आए हैं। अरुण साव ने कहा कि ऐसे शिविरों से शासन और प्रशासन के विषयों को समझने में मदद मिलती है तथा विशेषज्ञों का मार्गदर्शन प्राप्त होता है।
वहीं दीपक बैज ने इस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सरकार का काफी समय बीत चुका है और अब प्रशिक्षण से ज्यादा जनता के मुद्दों पर जवाब देने की जरूरत है। उन्होंने भाजपा पर भ्रम फैलाने और राजनीतिक आरोपों की राजनीति करने का आरोप भी लगाया।





