सीजी भास्कर, 03 जुलाई। बेंगलुरु के ब्रुकफील्ड इलाके में बच्चों के डे केयर केंद्र को लेकर पूरे इलाके में चर्चा (Daycare Abuse) तेज है। छोटे बच्चों के साथ कथित बदसलूकी से जुड़े वीडियो सामने आने के बाद अभिभावकों में चिंता का माहौल है। कई परिवार अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठा रहे हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। घटना सामने आने के बाद पुलिस की गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। मौके से जुटाए जा रहे साक्ष्यों और
वायरल वीडियो की पड़ताल के बीच कार्रवाई शुरू हुई है। शुरुआती जांच के बाद अब इस मामले में पहली गिरफ्तारी होने से पूरे प्रकरण ने नया मोड़ ले लिया है।
पहली गिरफ्तारी के बाद जांच ने पकड़ी रफ्तार Daycare Abuse
पूर्वी बेंगलुरु के ब्रुकफील्ड स्थित एक आईटी कंपनी के परिसर में संचालित डे केयर केंद्र में बच्चों के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले में पांच महिलाओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। दो से तीन साल के बच्चों के साथ मारपीट और प्रताड़ना से जुड़े वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की थी। अब इस मामले में एक आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है। बच्चों के साथ मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न की शिकायत भी दर्ज कराई गई है। इसके अलावा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के समक्ष भी अलग से शिकायत पहुंची है।
आरोपी विजयलक्ष्मी को भेजा गया न्यायिक हिरासत में
पुलिस ने आरोपी नंबर दो विजयलक्ष्मी को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान वीडियो का सत्यापन किया गया, जिसमें उसकी पहचान होने के बाद कार्रवाई की गई। अदालत ने आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। जांच अधिकारी के अनुसार आगे पूछताछ के लिए पुलिस अदालत से हिरासत की मांग भी करेगी।
वीडियो में दिखे कई गंभीर आरोप
प्रारंभिक जांच में विजयलक्ष्मी के अलावा सिंधु, मंजुला, भवानी और बिंदु की पहचान की गई है। सभी महिलाएं उसी डे केयर केंद्र में काम करती थीं, जहां आईटी कंपनी के कर्मचारी अपने बच्चों को कार्यालय समय के दौरान छोड़ते थे। पीड़ित बच्चों की उम्र दो से तीन वर्ष बताई गई है। वीडियो काफी संवेदनशील होने के कारण उसे सार्वजनिक नहीं किया गया है।
बच्चों के साथ अमानवीय व्यवहार के आरोप
जांच में सामने आए आरोपों के मुताबिक बच्चों के रोने या शोर करने पर उन्हें डराया और धमकाया (Daycare Abuse) जाता था। कुछ वीडियो में कर्मियों पर बच्चों को फ्रंट लोडिंग वॉशिंग मशीन के भीतर रखने, टॉयलेट के जेट स्प्रे से उनके मुंह पर पानी डालने, वेस्टर्न कमोड पर जबरन बैठाने और बाथरूम में बंद करने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
वायरल वीडियो की सच्चाई खंगाल रही पुलिस
पुलिस ने किशोर न्याय अधिनियम के तहत पांच महिलाओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है। सभी से पूछताछ भी की जा चुकी है। अब जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि वायरल वीडियो कब रिकॉर्ड किए गए, उनमें दिख रही घटनाएं वास्तविक हैं या नहीं और क्या अन्य बच्चों के साथ भी इसी तरह की बदसलूकी की गई थी।
वीडियो फुटेज की तकनीकी जांच के साथ पूरी घटना का क्रम भी खंगाला जा रहा है।