सीजी भास्कर, 02 नवम्बर । दिल्ली सरकार ने जेल प्रशासन में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। गृह मंत्री आशीष सूद की उच्चस्तरीय समीक्षा के बाद तीन साल से अधिक समय से एक ही जेल या स्थान पर तैनात अधिकारियों की पहचान कर उनका तत्काल तबादला करने को कहा गया है। (Delhi Jail Officials Transfer)
इसके साथ ही भ्रष्टाचार और कदाचार के आरोपों का सामना कर रहे अधिकारियों के पिछले 10 वर्षों के तैनाती रिकॉर्ड भी मांगे गए हैं। सरकार ने जेल प्रशासन के संवेदनशील विभागों पर विशेष निगरानी रखने का फैसला किया है। इसमें खरीद, फैक्ट्री और अन्य महत्वपूर्ण विंग के साथ अलग-अलग श्रेणी के कैदियों के लिए निर्धारित जेलों में तैनात अधिकारियों का विवरण भी शामिल है।
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कैदियों के भोजन और दवाइयों की गुणवत्ता की होगी जांच : Delhi Jail Officials Transfer
सरकार ने जेलों में कैदियों को मिलने वाले भोजन और दवाइयों की गुणवत्ता की जांच करने के निर्देश दिए हैं। इनके बाजार मूल्य का सत्यापन भी किया जाएगा, ताकि खरीद प्रक्रिया में संभावित वित्तीय अनियमितताओं को रोका जा सके और कैदियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
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तस्करी रोकने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल
जेलों के भीतर तंबाकू और मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए आधुनिक स्कैनिंग तकनीक अपनाने पर भी विचार किया जा रहा है। ऐसी तकनीक को प्राथमिकता देने की बात कही गई है, जिससे कैदियों को नुकसान पहुंचाए बिना प्रतिबंधित सामान का पता लगाया जा सके।
इसके अलावा जेलों में सुरक्षा चूक और कर्मचारियों के कदाचार से जुड़ी लंबित शिकायतों पर कार्रवाई की रिपोर्ट तय समय-सीमा में जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।
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भ्रष्टाचार और जबरन वसूली पर जीरो टॉलरेंस : Delhi Jail Officials Transfer
गृह मंत्री आशीष सूद ने कहा कि जेलों जैसे सुधारात्मक संस्थानों में भ्रष्टाचार, जबरन वसूली और व्यवस्थागत कमियों को लेकर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति है। लंबे समय से एक ही जगह तैनात अधिकारियों का तबादला करने से प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ेगी और निहित स्वार्थों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जेलों की सुरक्षा, कैदियों के कल्याण और शिकायतों के समय पर निपटारे में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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