सीजी भास्कर, 3 जून। नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र में विकास को नई गति देने के लिए व्यापक योजनाओं पर काम शुरू किया जा रहा है। सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और कौशल विकास को प्राथमिकता देते हुए नए विकास मॉडल की रूपरेखा तैयार की है। इसका उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों को मुख्यधारा के विकास से जोड़ना है। (Development plan in Naxal-affected Bastar)
सुरक्षा कैंप बनेंगे सेवा डेरा : Development plan in Naxal-affected Bastar
सरकार की योजना के तहत वर्तमान में संचालित लगभग 200 सुरक्षा कैंपों में से 70 को “सेवा डेरा” के रूप में विकसित किया जाएगा। इन केंद्रों के माध्यम से स्थानीय लोगों को कौशल विकास प्रशिक्षण, स्वरोजगार के अवसर और विभिन्न डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं की पहुंच बढ़ाने में मदद मिलेगी।
महिलाओं और युवाओं को मिलेगा लाभ
नई पहल के तहत महिलाओं को सिलाई-कढ़ाई, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों के प्रसंस्करण से जुड़े प्रशिक्षण दिए जाएंगे। साथ ही युवाओं को रोजगारोन्मुखी कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़ने की योजना बनाई गई है। वनोपज आधारित उद्योगों को बढ़ावा देकर ग्रामीणों की आय बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।
स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं पर फोकस : Development plan in Naxal-affected Bastar
बस्तर में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार की दिशा में भी काम किया जा रहा है। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल जैसी सुविधाओं के माध्यम से क्षेत्र के लोगों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का कहना है कि सुरक्षा और विकास को साथ लेकर बस्तर को देश के अग्रणी आदिवासी संभागों में शामिल करने की दिशा में प्रयास जारी हैं।




