सीजी भास्कर, 24 जुलाई। राजधानी में चल रहे विरोध प्रदर्शन और छात्रों के बीच लगातार हो रही चर्चाओं के बीच शनिवार दोपहर एक ऐसा घटनाक्रम सामने (Dharmendra Pradhan NEET UG) आया जिसने सियासी माहौल को अचानक गर्म कर दिया। शिक्षा व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों के बीच शिक्षा मंत्री के फैसले ने राजनीतिक गलियारों से लेकर छात्र समुदाय तक हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
जंतर मंतर से लेकर सोशल मीडिया तक पूरे दिन इसी मुद्दे की चर्चा होती रही। प्रदर्शन कर रहे संगठनों की मांगों के बीच जब शिक्षा मंत्री ने स्वयं अपने पद छोड़ने की घोषणा की तो घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया। इसके बाद देशभर में इस फैसले को लेकर अलग अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।
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शिक्षा मंत्री ने स्वयं दी इस्तीफे की जानकारी Dharmendra Pradhan NEET UG
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने सोशल मीडिया मंच पर पोस्ट साझा कर बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री को अपना त्यागपत्र भेज दिया है। उन्होंने लिखा कि चार दशक से अधिक समय तक छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए कार्य करना उनके जीवन का उद्देश्य रहा है। उनका मानना है कि मजबूत और समावेशी शिक्षा व्यवस्था ही देश के भविष्य की नींव होती है। उन्होंने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सेवा करने का अवसर मिलने पर आभार भी व्यक्त किया।
नीट परीक्षा की अनियमितताओं का किया जिक्र
अपने संदेश में उन्होंने कहा कि 3 मई 2026 को आयोजित नीट स्नातक परीक्षा में अनियमितताएं सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मामले की जांच सीबीआई को सौंपी। परीक्षा रद्द करने के साथ दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया और अगले वर्ष से इसे कंप्यूटर आधारित प्रणाली में आयोजित करने का निर्णय भी किया गया।
उन्होंने बताया कि दोबारा परीक्षा के दौरान सरकार, राज्य प्रशासन, जिला अधिकारियों, अभिभावकों और छात्रों के सहयोग से 21 जून 2026 को परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न कराई गई। इस पूरी प्रक्रिया में लाखों विद्यार्थियों के भविष्य को सुरक्षित रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता रही।
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जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटने की कही बात
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि शुरुआत से ही उन्होंने पूरे मामले की जिम्मेदारी स्वीकार की और कभी भी स्थिति से मुंह नहीं मोड़ा। उनका प्रयास रहा कि परीक्षा माफिया की वजह से किसी भी मेहनती छात्र का भविष्य प्रभावित न हो। उन्होंने यह भी कहा कि 16 जुलाई को घोषित परिणामों में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के कई विद्यार्थियों ने भी शानदार सफलता हासिल की।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इस दौरान कुछ जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों ने छात्रों को भ्रमित करने की कोशिश की जिससे उन्हें व्यक्तिगत रूप से काफी दुख पहुंचा।
देशहित और छात्रों के भविष्य का दिया हवाला Dharmendra Pradhan NEET UG
अपने संदेश में उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और युवाओं की आकांक्षाओं पर उनका हमेशा विश्वास रहा है। बीते कुछ दिनों की परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने महसूस किया कि देश में बने माहौल का फायदा राष्ट्र विरोधी ताकतें न उठा सकें और किसी भी विद्यार्थी का भविष्य कानूनी उलझनों में न फंसे।
इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री को अपना त्यागपत्र भेजने का निर्णय लिया। साथ ही उन्होंने मंत्रिपरिषद के सहयोगियों, मंत्रालय के अधिकारियों और कर्मचारियों का भी आभार व्यक्त किया और कहा कि राष्ट्रसेवा उनके जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता आगे भी बनी रहेगी।
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आगे भी देश और युवाओं की सेवा का संकल्प
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने संदेश के अंत में कहा कि भगवान जगन्नाथ के आशीर्वाद से वह भविष्य में भी भारत, ओडिशा और देश के युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए हरसंभव प्रयास (Dharmendra Pradhan NEET UG) करते रहेंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सार्वजनिक जीवन में रहकर राष्ट्रहित के लिए उनका योगदान आगे भी जारी रहेगा।
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