सीजी भास्कर, 16 जून : महिला सशक्तिकरण और समाजसेवा के नाम पर संचालित स्वयंसेवी संस्था को 25 लाख रुपये का दान दिलाने का झांसा देकर उसके बैंक खाते का दुरुपयोग किए जाने का मामला सामने आया है (Donation Fraud Case)। करीब एक वर्ष पुरानी घटना में अभनपुर थाना पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद राहुल और राजवीर सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज किया है। मामले में मुख्य बात यह है कि संस्था के बैंक खाते में बड़ी मात्रा में रकम जमा होने और तत्काल दूसरे खातों में ट्रांसफर होने की जानकारी सामने आई है, जिसके बाद पुलिस पूरे वित्तीय लेनदेन की पड़ताल कर रही है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार अभनपुर के ब्लॉक कॉलोनी क्षेत्र में रहने वाली कविता सारथी ‘नारी शक्ति महिला विकास समिति’ का संचालन करती हैं। समिति का पंजीयन वर्ष 2011 में हुआ था और महिलाओं के उत्थान एवं सामाजिक कार्यों के लिए संस्था का भारतीय स्टेट बैंक, अभनपुर शाखा में बैंक खाता संचालित है। शिकायत के अनुसार अप्रैल 2025 से कुछ समय पहले कविता सारथी की पहचान भिलाई निवासी एक महिला के माध्यम से छिंदवाड़ा निवासी राहुल नामक व्यक्ति से हुई थी। राहुल स्वयं को समाजसेवी बताता था और अक्सर रायपुर आता-जाता था।
बातचीत के दौरान राहुल ने दावा किया कि नागपुर की एक बड़ी कंपनी समाजसेवा के तहत महिलाओं के लिए सिलाई मशीन वितरण योजना चलाना चाहती है और इसके लिए नारी शक्ति महिला विकास समिति को 25 लाख रुपये का आर्थिक सहयोग देने की इच्छुक है।
नागपुर बुलाकर कराई मुलाकात
कविता सारथी ने पुलिस को बताया कि उन्होंने राहुल से कंपनी और उसके संचालकों के बारे में जानकारी मांगी थी। इस पर राहुल ने उन्हें नागपुर चलकर कंपनी के प्रतिनिधियों से मिलने की सलाह दी। 18 अप्रैल 2025 को कविता सारथी जरूरी दस्तावेजों की फाइल लेकर नागपुर पहुंचीं, जहां राहुल भी उनसे मिला। दोनों की मुलाकात रेलवे स्टेशन के सामने स्थित एक होटल में राजवीर सिंह नामक व्यक्ति से कराई गई। राजवीर ने खुद को कंपनी का प्रतिनिधि बताते हुए कहा कि उनकी कंपनी देशभर में सामाजिक परियोजनाओं पर काम करती है और नारी शक्ति महिला विकास समिति को 25 लाख रुपये का दान देना चाहती है। उसने संस्था से संबंधित दस्तावेजों की फाइल मांगी और काफी देर तक उसकी जांच करता रहा।
फाइल में मौजूद थी बैंकिंग की गोपनीय जानकारी
शिकायत के मुताबिक संस्था की फाइल में बैंक खाते का विवरण, ई-मेल आईडी, क्यूआर कोड, इंटरनेट बैंकिंग का यूजर आईडी और पासवर्ड सहित कई महत्वपूर्ण जानकारियां दर्ज थीं। आरोप है कि दस्तावेज देखने के दौरान राजवीर सिंह ने इन जानकारियों की फोटो या कॉपी अपने पास सुरक्षित कर ली। फाइल देखने के बाद राजवीर ने संस्था के दस्तावेजों को सही बताते हुए कहा कि दान स्वीकृत हो जाएगा। उसने अगले दिन कंपनी के अधिकारियों से मुलाकात कराने का भरोसा दिया और होटल में रुकने की सलाह दी। राजवीर ने यह भी कहा कि वह खुद भी होटल में ही ठहरेगा।
सुबह निकला और फिर नहीं लौटा
अगले दिन सुबह राजवीर सिंह चाय पीकर आने की बात कहकर होटल से निकल गया। काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर कविता सारथी और राहुल ने उसके मोबाइल नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन बंद मिला। इसके बाद राहुल ने भी आशंका जताई कि राजवीर उन्हें धोखा देकर फरार हो गया है। दोनों अपने-अपने घर लौट गए।
कुछ दिनों बाद आने लगे अजनबियों के फोन
रायपुर लौटने के बाद कविता सारथी के पास अलग-अलग लोगों के फोन आने लगे। कॉल करने वाले लोग दावा कर रहे थे कि उनकी रकम नारी शक्ति महिला विकास समिति के खाते में जमा हुई है और अब वह पैसा वापस किया जाए। लगातार ऐसे फोन आने से कविता सारथी परेशान हो गईं। इसके बाद वे अभनपुर स्थित भारतीय स्टेट बैंक शाखा पहुंचीं और अपने खाते का विवरण निकलवाया।
बैंक से मिली जानकारी के अनुसार संस्था के खाते में बड़ी मात्रा में रकम जमा हुई थी, लेकिन जमा होने के तुरंत बाद वह राशि अन्य खातों में ट्रांसफर भी कर दी गई। खाते में केवल 34 से 35 हजार रुपये शेष बचे थे। कविता सारथी ने 30 हजार रुपये निकाल लिए और बची हुई राशि को होल्ड करा दिया। शिकायत मिलने के बाद अभनपुर पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब खाते में हुए लेनदेन, रकम के स्रोत और अन्य खातों में ट्रांसफर की गई राशि की जानकारी जुटा रही है।





