सीजी भास्कर, 18 जून : प्रदेश के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को आधुनिक तकनीक और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। पीएम सेतु योजना (PM SETU Scheme) के तहत सरकारी आईटीआई को अपग्रेड कर उन्हें अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। योजना का उद्देश्य युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन और उभरती तकनीकों का प्रशिक्षण देकर रोजगार और स्वरोजगार के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित राज्य स्तरीय स्टीयरिंग समिति की बैठक में पीएम सेतु योजना (PM SETU Scheme) के तहत राज्य की चयनित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं के उन्नयन कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में योजना की प्रगति, उद्योगों की भागीदारी और कौशल विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
आधुनिक तकनीक से लैस होंगी आईटीआई
योजना के तहत आईटीआई में पुरानी मशीनों को हटाकर नई तकनीक आधारित आधुनिक मशीनें स्थापित की जाएंगी। विद्यार्थियों को डिजिटल कंटेंट, स्मार्ट क्लासरूम और उद्योग आधारित प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन संचालन और अन्य आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण देकर उद्योगों की मांग के अनुरूप तैयार किया जाएगा।
उद्योगों की भागीदारी पर विशेष जोर
बैठक में राज्य के विभिन्न औद्योगिक संस्थानों के सहयोग से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए आईटीआई उन्नयन की रणनीति पर चर्चा की गई। पीएम सेतु योजना (PM SETU Scheme) के तहत उद्योग नेतृत्व वाले एंकर इंडस्ट्रियल पार्टनर्स के चयन के लिए पात्रता मानदंड तय करने और उद्योगों को प्रक्रिया में शामिल करने पर भी विचार-विमर्श हुआ।
इसके अलावा इच्छुक उद्योगों, सार्वजनिक उपक्रमों और अन्य पात्र संस्थाओं को प्रस्ताव प्रस्तुत करने के लिए अवसर उपलब्ध कराने संबंधी प्रक्रिया पर भी चर्चा की गई। योजना के अंतर्गत एंकर इंडस्ट्रियल पार्टनर्स के ऑनबोर्डिंग के लिए तैयार किए जा रहे ड्राफ्ट प्रस्तावों की भी समीक्षा की गई।
कौशल विकास को मिलेगी नई दिशा
विशेषज्ञों का मानना है कि पीएम सेतु योजना (PM SETU Scheme) के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश के युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण मिलेगा और उद्योगों को प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध होगा। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आईटीआई शिक्षा को नई दिशा मिलेगी।
बैठक में वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस., वित्त विभाग, श्रम विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, छत्तीसगढ़ स्टेट काउंसिल, रोजगार एवं प्रशिक्षण, सीआईआई तथा भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता महानिदेशालय के अधिकारियों ने भाग लिया।





