सीजी भास्कर, 31 अगस्त। दुर्ग जिले के सेमरिया गांव में बारिश के दौरान बदहाल सड़क ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। गांव से श्मशान घाट तक जाने वाले रास्ते पर कमर तक पानी और कीचड़ जमा होने से अंतिम यात्रा तक मुश्किल हो रही है। हाल ही में एक शव को श्मशान घाट ले जाने के दौरान करीब 30 से 40 ग्रामीणों को कंधा लगाना पड़ा। इस दौरान कई लोग कीचड़ में फिसलकर गिर गए। (Durg Village Road Condition)
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श्मशान घाट तक डेढ़ किलोमीटर रास्ता सबसे खराब : Durg Village Road Condition
ग्रामीणों के मुताबिक बागडूमर से सेमरिया तक करीब 4 किलोमीटर सड़क बारिश में गड्ढों और कीचड़ से भर जाती है। वहीं श्मशान घाट तक पहुंचने वाला अंतिम करीब डेढ़ किलोमीटर हिस्सा सबसे ज्यादा खराब है। नाले के पास पानी का स्तर बढ़ जाने से शव को कमर तक पानी के बीच से ले जाना पड़ा।
ग्रामीणों का कहना है कि श्मशान घाट में शेड तो बना दिया गया है, लेकिन वहां तक पहुंचने के लिए बेहतर सड़क नहीं है। बारिश के दौरान कई बार रास्ते की स्थिति इतनी खराब हो जाती है कि अंतिम संस्कार के लिए शव को शेड तक ले जाना भी मुश्किल हो जाता है।
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ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की मांग उठाई
ग्रामीण तन्नू सोरी ने बताया कि अंतिम यात्रा के दौरान कई लोग कीचड़ में गिर गए। उनका कहना है कि वे कई वर्षों से सड़क की समस्या झेल रहे हैं और प्रशासन से सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने अपील की है कि कम से कम ऐसी सड़क बनाई जाए, जिससे अंतिम संस्कार के लिए लोगों को इस तरह परेशानी न उठानी पड़े।
वीडियो बनाने वाले रामअवतार यादव के मुताबिक उन्होंने करीब दो दिन पहले अंतिम यात्रा का वीडियो बनाया था। उन्होंने बताया कि रास्ता इतना खराब था कि शव को श्मशान घाट तक पहुंचाने के लिए 30 से 40 लोगों की मदद लेनी पड़ी। कुछ ग्रामीण रास्ते में गिरते-पड़ते पहुंचे, जबकि कुछ लोग आगे नहीं जा सके।
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गांव तक पहुंचना भी मुश्किल : Durg Village Road Condition
सेमरिया की आबादी करीब 500 है और यहां गोंड समाज के लोगों की संख्या अधिक है। ग्रामीणों के अनुसार गांव तक पहुंचने वाला करीब 4 किलोमीटर रास्ता भी बारिश में खराब हो जाता है। युवाओं को पढ़ाई और कंप्यूटर क्लास के लिए अहिवारा जाना पड़ता है, लेकिन बारिश में सड़क की हालत के कारण आवागमन मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों के मुताबिक रास्ते में साइकिल पंचर होने और लोगों के गिरने की घटनाएं भी होती रहती हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि भिलाई स्टील प्लांट से गांव की दूरी करीब 20 किलोमीटर है। इसके बावजूद बारिश में गांव तक पहुंचना और यहां से बाहर निकलना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
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कलेक्टर ने सर्वे और प्रस्ताव भेजने की बात कही
दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने बताया कि मुख्य सड़क के लिए प्रस्ताव शासन को पहले ही भेजा जा चुका है। वहीं श्मशान घाट तक जाने वाली सड़क के लिए ग्रामीण सड़क योजना के अभियंता को सर्वे के निर्देश दिए गए हैं। सर्वे के बाद सड़क को योजना के नेटवर्क में शामिल करने के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा।
कलेक्टर ने कहा कि सड़क की समस्या को देखते हुए उच्च स्तर पर विशेष रूप से चर्चा कर इसे स्वीकृत कराने का प्रयास किया जाएगा।
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