सीजी भास्कर, 03 जुलाई : पामगढ़ बंद (Pamgarh Bandh) के बीच डोंगाकोहरौद सड़क निर्माण (Dongakohraud Road Construction) की मांग को लेकर ग्रामीणों का आंदोलन लगातार उग्र होता जा रहा है। शुक्रवार सुबह 10 बजे से पामगढ़ के अंबेडकर चौक पर ग्रामीणों ने चक्काजाम शुरू कर दिया, जिससे क्षेत्र की यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई। आंदोलन की अगुवाई महिलाएं कर रही हैं, जबकि बड़ी संख्या में पुरुष, युवा और किसान भी प्रदर्शन में शामिल हैं।
सड़क नहीं तो आंदोलन जारी, ग्रामीणों का अल्टीमेटम
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वर्षों से जर्जर सड़क के कारण लोगों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से सड़क निर्माण की मांग की गई, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकला। ग्रामीणों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक डोंगाकोहरौद सड़क निर्माण (Dongakohraud Road Construction) का काम शुरू नहीं होता, तब तक चक्काजाम और आंदोलन जारी रहेगा।
8 युवक पांच दिन से आमरण अनशन पर
आंदोलन को और मजबूती तब मिली जब गांव के आठ युवक सड़क निर्माण की मांग को लेकर पिछले पांच दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। अनशनकारियों का कहना है कि बदहाल सड़क अब क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी समस्या बन चुकी है और प्रशासन को तत्काल निर्माण कार्य शुरू करना चाहिए।
व्यापारियों ने भी दिया आंदोलन को समर्थन
पामगढ़ बंद (Pamgarh Bandh) के समर्थन में नगर के अधिकांश व्यापारिक प्रतिष्ठान भी बंद रहे। व्यापारियों ने ग्रामीणों की मांग को जायज बताते हुए आंदोलन का समर्थन किया। बाजार बंद रहने से पूरे नगर में सन्नाटा पसरा रहा और लोगों के बीच सड़क निर्माण को लेकर चर्चा होती रही।
प्रशासन ने की समझाइश, दिया निर्माण का भरोसा
स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी लगातार आंदोलनकारियों से चर्चा कर रहे हैं। एसडीएम ने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए बताया कि सड़क की मरम्मत का कार्य जारी है और दिसंबर से सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने की योजना बनाई गई है। हालांकि ग्रामीणों ने तत्काल निर्माण शुरू होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही है।



