सीजी भास्कर, 28 अप्रैल : छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने सोमवार को एक बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। भारतमाला परियोजना के तहत करोड़ों रुपये के कथित मुआवजा घोटाले की जांच की आंच अब रसूखदारों तक पहुंच गई है। ईडी की टीम ने कुरुद में पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर के चचेरे भाई भूपेंद्र चंद्राकर के निवास पर दबिश दी। यह कार्रवाई इतनी विस्तृत थी कि करीब 20 घंटे तक चली जांच के बाद टीम देर रात वापस लौटी। इस (ED Raid in Dhamtari) ने पूरे प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है।
सुबह 6 बजे से आधी रात तक चली कार्रवाई
सोमवार तड़के जब कुरुद की जनता सो रही थी, तभी सुबह करीब 6 बजे ईडी की गाड़ियों का काफिला भूपेंद्र चंद्राकर के घर पहुँचा। जांच का दायरा इतना बड़ा था कि अधिकारी रात करीब 1 बजे तक दस्तावेजों की पड़ताल में जुटे रहे। सूत्रों के मुताबिक, इस (ED Raid in Dhamtari) के दौरान घर के चप्पे-चप्पे की तलाशी ली गई और परिवार के सदस्यों से भी पूछताछ की गई। करीब 20 घंटे की इस मैराथन जांच के बाद ही टीम वहां से रवाना हुई।
दो थैले भरकर ले गए दस्तावेज और डिजिटल सबूत
ईडी की टीम जब रात को वापस निकली, तो उनके पास जब्त किए गए दस्तावेजों का बड़ा जखीरा था। बताया जा रहा है कि टीम ने करीब दो थैलों में महत्वपूर्ण कागजात भरकर अपने कब्जे में लिए हैं। इसके साथ ही, भूपेंद्र चंद्राकर के घर से लैपटॉप, मोबाइल और कुछ अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए गए हैं। जानकारों का मानना है कि इस (ED Raid in Dhamtari) में मिले डिजिटल डेटा से घोटाले की पूरी चेन का पर्दाफाश हो सकता है।
क्या है भारतमाला मुआवजा घोटाला
यह पूरी जांच भारतमाला सड़क परियोजना के लिए अधिग्रहित की गई जमीनों के बदले दिए गए मुआवजे में हुई भारी धांधली से जुड़ी है। आरोप है कि भूपेंद्र चंद्राकर ने अपने राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल कर नियमों को ताक पर रखा और अपने करीबियों को करोड़ों रुपये का गलत मुआवजा दिलवाया। जांच एजेंसियों को संदेह है कि इस फर्जीवाड़े में सरकारी अमले की भी मिलीभगत है। इसी कड़ी में हुई (ED Raid in Dhamtari) का मकसद उन वित्तीय ट्रांजेक्शन के सुराग ढूंढना है, जो इस घोटाले की जड़ हैं।
राजनीतिक हलकों में मची हलचल
चूंकि मामला पूर्व मंत्री के करीबी रिश्तेदार से जुड़ा है, इसलिए इस कार्रवाई के राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं। विपक्षी दल जहां इसे भ्रष्टाचार पर बड़ा प्रहार बता रहे हैं, वहीं सत्ता पक्ष की ओर से अब तक इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। (ED Raid in Dhamtari) के बाद से ही कुरुद और धमतरी के अन्य रसूखदारों में भी डर का माहौल देखा जा रहा है, जिन्होंने इस परियोजना के दौरान जमीनों की खरीद-बिक्री में हिस्सा लिया था।
आने वाले दिनों में बढ़ सकता है जांच का दायरा
सूत्रों का कहना है कि जब्त किए गए दस्तावेजों की बारीकी से जांच के बाद ईडी कुछ बड़े नामों को समन जारी कर सकती है। इस घोटाले में केवल निजी लोग ही नहीं, बल्कि कई पटवारी और राजस्व विभाग के अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। धमतरी में हुई इस (ED Raid in Dhamtari) को केवल एक शुरुआत माना जा रहा है; आने वाले समय में रायपुर और धमतरी के अन्य स्थानों पर भी ईडी की दस्तक देखने को मिल सकती है।


