सीजी भास्कर, 6 सितंबर : राजधानी में बिजली बिल सत्यापन (Electricity Bill e-KYC) की प्रक्रिया कल यानी 7 सितंबर से शुरू होगी। शहर के सभी बिजली जोन दफ्तरों और वितरण केंद्रों में उपभोक्ताओं का सत्यापन किया जाएगा। करीब 4.50 लाख परिवारों को यह बताना होगा कि उनके आधार कार्ड और बिजली कनेक्शन में दर्ज नाम एक ही है।

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राज्य बनने के बाद पहली बार बड़े स्तर पर बिजली बिल सत्यापन (Electricity Bill e-KYC) कराया जा रहा है। बिजली विभाग के अनुसार, लंबे समय से गलत दस्तावेजों से मीटर लगाए जाने और मृत लोगों के नाम पर कनेक्शन होने की शिकायतें मिलती रही हैं। इससे पुराने बकाया बिलों की वसूली में भी परेशानी होती है।
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4.50 लाख परिवारों को कराना होगा ई-केवाईसी Electricity Bill e-KYC
राजधानी में करीब 4.50 लाख घरों में नए मीटर लगाए गए हैं। इनमें करीब 90 फीसदी घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जाने का दावा किया गया है। अब इन उपभोक्ताओं को आधार कार्ड और बिजली कनेक्शन में दर्ज नाम का सत्यापन कराना होगा।
राज्य सरकार ने सभी बिजली उपभोक्ताओं के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य किया है। बिजली बिल सत्यापन (Electricity Bill e-KYC) की प्रक्रिया 7 सितंबर से शुरू होगी। उपभोक्ता घर बैठे ऑनलाइन ई-केवाईसी कर सकेंगे या बिजली वितरण केंद्र और जोन कार्यालय पहुंचकर सत्यापन करा सकेंगे।
दूसरे के नाम का मीटर इस्तेमाल करने वाले भी आएंगे पकड़ में
ई-केवाईसी के बाद यह पता चल सकेगा कि कितने उपभोक्ता दूसरे लोगों के नाम पर दर्ज स्मार्ट मीटर का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे मामलों की भी पहचान होगी, जहां कनेक्शन वास्तविक मकान मालिक के नाम पर नहीं है।
बिजली कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, दूसरे के नाम पर कनेक्शन इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं को नाम परिवर्तन कराने का पर्याप्त मौका दिया जाएगा। ई-केवाईसी के जरिए बिजली कनेक्शन से जुड़ी गलत जानकारी को भी अपडेट किया जा सकेगा।
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ओटीपी के बिना पूरा नहीं होगा सत्यापन
बिजली कंपनी के अधिकारियों के अनुसार ई-केवाईसी प्रक्रिया आधार ई-ऑथेंटिकेशन सर्विस से जुड़ी हुई है। सत्यापन के दौरान उपभोक्ता के मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा। ओटीपी दर्ज किए बिना बिजली बिल सत्यापन (Electricity Bill e-KYC) की प्रक्रिया पूरी नहीं होगी।
ई-केवाईसी पूरा होने के बाद आधार कार्ड और बिजली कनेक्शन में दर्ज नाम का मिलान किया जाएगा। दोनों जगह नाम पूरी तरह समान होने पर प्रक्रिया पूरी मानी जाएगी।
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नाम में अंतर मिला तो सुधार का मिलेगा मौका
अगर आधार कार्ड और बिजली कनेक्शन में दर्ज नाम में अंतर मिलता है तो उपभोक्ता नाम संबंधी त्रुटि सुधार की प्रक्रिया अपना सकेंगे। इसके लिए बिजली कंपनी के कर्मचारी जरूरी जानकारी और प्रक्रिया बताएंगे। प्रक्रिया पूरी होने के बाद मोबाइल नंबर पर एसएमएस के जरिए भी जानकारी दी जाएगी।
बिजली बिल सत्यापन (Electricity Bill e-KYC) का उद्देश्य बिजली कनेक्शन को सही उपभोक्ता के नाम से जोड़ना और रिकॉर्ड में मौजूद गलतियों को दूर करना है।
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मोबाइल ऐप से भी करा सकेंगे ई-केवाईसी
उपभोक्ता मोबाइल पर मोर बिजली एप डाउनलोड कर ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इसके अलावा संबंधित बिजली केंद्र या जोन कार्यालय पहुंचकर अधिकृत कर्मचारियों से सत्यापन कराया जा सकता है।
अपने इलाके के संबंधित मीटर रीडर के मोबाइल ऐप के जरिए भी उपभोक्ता ई-केवाईसी करा सकेंगे। अधिक जानकारी के लिए बिजली कंपनी के हेल्पलाइन नंबर 1912 पर संपर्क किया जा सकता है। आधार से संबंधित जानकारी या शिकायत के लिए 1974 हेल्पलाइन उपलब्ध है।
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ई-केवाईसी पूरी तरह निशुल्क
बिजली विभाग के अनुसार बिजली बिल सत्यापन (Electricity Bill e-KYC) की प्रक्रिया पूरी तरह निशुल्क है। इसके लिए किसी कर्मचारी को शुल्क देने की जरूरत नहीं है। यदि कोई कर्मचारी ई-केवाईसी के नाम पर पैसे मांगता है तो उपभोक्ता इसकी शिकायत 1912 पर कर सकते हैं।



