सीजी भास्कर, 9 सितंबर। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में नकली और मिलावटी खाद बेचने वालों तथा अधिक कीमत वसूलने वाले विक्रेताओं पर अब जिला प्रशासन ने सख्ती(Fake Fertilizer Scam Action) तेज कर दी है। कलेक्टर अमृत विकास तोपनो के निर्देश पर गठित जिला स्तरीय और विकासखंड स्तरीय टीम लगातार (Fake Fertilizer Scam) की रोकथाम के लिए छापेमारी और जांच कर रही है।
कृषि विभाग के उप संचालक कृषि के मार्गदर्शन में अनुविभागीय कृषि अधिकारी सक्ती, उर्वरक निरीक्षक और वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी विकासखंड मालखरौदा ने फगुरम क्षेत्र के कई खाद विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण(Fake Fertilizer Scam Action) किया। जांच के दौरान पाया गया कि पीओएस स्टॉक और भौतिक स्टॉक में भारी अंतर है। इसके साथ ही स्कंध पंजी का संधारण नहीं किया गया था और दुकान में प्रदर्शन बोर्ड भी चस्पा नहीं किया गया था। इस गंभीर लापरवाही पर उर्वरक गुण नियंत्रण आदेश, 1985 के तहत तीन फर्म संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और सात दिनों के भीतर जवाब पेश करने का निर्देश दिया गया है।
प्रशासन का कहना है कि किसानों को खरीफ सीजन में उच्च गुणवत्ता वाली खाद और कीटनाशक उचित दर पर उपलब्ध कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। यही कारण है कि टीमों को लगातार निरीक्षण करने और रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई विक्रेता नियमों की अवहेलना करता पाया गया तो उसके विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
कृषि विभाग के उप संचालक ने बताया कि जिला प्रशासन किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने देगा। यदि किसी स्तर पर शिकायत मिलती है कि खाद या कीटनाशक अधिक मूल्य(Fake Fertilizer Scam Action) पर बेचे जा रहे हैं या उनमें मिलावट की गई है, तो तत्काल कार्रवाई होगी। (Quality Fertilizer Supply) सुनिश्चित करने के लिए सभी विकासखंडों में तैनात उर्वरक एवं कीटनाशी निरीक्षकों को निजी प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह कदम न केवल मिलावटी खाद बेचने वालों को कड़ा संदेश है, बल्कि किसानों के हितों की रक्षा और कृषि उत्पादन की सुरक्षा के लिए भी जरूरी है। प्रशासन का मानना है कि पारदर्शिता और सख्ती से ही (Farmer Protection) संभव हो सकेगा।




