सीजी भास्करख् 17 सितंबर। कृषि विभाग के छत्तीसगढ़ कृषि स्नातक शासकीय कृषि अधिकारी संघ के प्रांतव्यापी आह्वान पर आंदोलन का दूसरा चरण शुरू हो गया है। अपनी 9 सूत्रीय मांगों को लेकर संगठन ने आज कुरूद में एसडीएम नभ सिंह कौशल को मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इससे पहले भी प्रथम चरण में 8 और 9 सितम्बर को सभी ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों ने काली पट्टी बांधकर कार्य निष्पादन किया था, लेकिन आज तक मांगे पूरी नहीं हुईं। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा। यह विरोध (Farmers protest) अब धीरे-धीरे प्रदेशव्यापी रूप लेता जा रहा है।
प्रांतीय महामंत्री मोहित जैन ने बताया कि आज भोजन अवकाश के दौरान एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया। उन्होंने कहा कि संघ के सभी सदस्य बिना संसाधन भत्ता के अब ऑनलाइन कार्यों का निष्पादन नहीं करेंगे। उनका कहना है कि अधिकारी लगातार तकनीकी और फील्ड कार्य का दबाव झेल रहे हैं, लेकिन संसाधनों और भत्तों की सुविधा नहीं दी जा रही। इस अन्याय के खिलाफ विरोध (Farmers protest) जारी रहेगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रांतीय महामंत्री मोहित जैन, प्रांतीय संगठन मंत्री जितेंद्र सोनकर, ब्लॉक अध्यक्ष कल्याण सिंह ध्रुव, जिला सह सचिव देवेंद्र मंडावी, प्रेमलाल ठाकुर, अभिषेक श्रोती, अंबरीश चंद्राकर, योगेंद्र साहू, केसेंन्द्र साहू, डिहु राम पटेल, टीलेश्वर बैस, दिलीप साहू, चंद्रभान ठाकुर, अश्विनी सिन्हा, खिलेंद्र साहू और गिरिराज किशोर सिन्हा सहित बड़ी संख्या में कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि यदि मांगों पर सरकार ने सकारात्मक कदम नहीं उठाए, तो संघर्ष और तेज किया जाएगा।
संघ का कहना है कि उनकी 9 सूत्रीय मांगों में वेतनमान, संसाधन भत्ता, पदोन्नति सहित कई महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं। संगठन का यह आंदोलन (Farmers protest) न सिर्फ अधिकारों के लिए है बल्कि कृषि सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में भी आवश्यक है। अधिकारी-कर्मचारी उम्मीद जता रहे हैं कि शासन उनकी समस्याओं का जल्द समाधान करेगा।



