सीजी भास्कर, 30 जुलाई : Fish Farming को बढ़ावा देने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। रायपुर जिले के अमारु क्षेत्र को मत्स्य उत्पादन क्लस्टर के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य आधुनिक तकनीक के जरिए मछली उत्पादन बढ़ाना, ग्रामीणों की आय में इजाफा करना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर तैयार करना है।
सरकार का मानना है कि क्लस्टर विकसित होने के बाद अमारु केवल मत्स्य पालन का केंद्र नहीं रहेगा, बल्कि आसपास के क्षेत्रों के लिए भी एक मॉडल बनेगा। इससे मछली पालकों को बेहतर संसाधन, तकनीकी सहायता और बाजार तक आसान पहुंच मिल सकेगी।

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आधुनिक तकनीक से बढ़ेगा मत्स्य उत्पादन Fish Farming
अमारु में मत्स्य उत्पादन क्लस्टर विकसित होने के बाद मछली पालन को वैज्ञानिक और आधुनिक तरीके (Fish Farming) से बढ़ावा दिया जाएगा। विभाग की ओर से आवश्यक बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है ताकि उत्पादन क्षमता में लगातार वृद्धि हो सके।
मछली पालकों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं
क्लस्टर के जरिए स्थानीय मछली पालकों को तकनीकी मार्गदर्शन, संसाधन और विपणन की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे उत्पादन लागत कम करने और बेहतर मूल्य प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
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ग्रामीणों के लिए बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
सरकार की इस पहल से मत्स्य उत्पादन बढ़ने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी तैयार होंगे। इससे किसानों और मछली पालकों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती Fish Farming
अधिकारियों के अनुसार अमारु को मत्स्य उत्पादन क्लस्टर के रूप में विकसित किए जाने से यह क्षेत्र भविष्य में मत्स्य पालन का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा। साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और मत्स्य व्यवसाय को अधिक लाभकारी बनाने में सहायता मिलेगी।
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